
काठमांडू । लगातार बारिश तथा बाढ़ और भूस्खलन के कारण नेपाल में अवरुद्ध हुए 48 में से 13 राजमार्ग अभी पूर्ण रूप से अवरुद्ध हैं और निकट भविष्य में इन पर यातायात बहाल हो पाएगा, इसमें संशय है। इनमें अधिकांश राजमार्ग राजधानी काठमांडू को जोड़ने वाले हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!नेपाल पुलिस के केंद्रीय प्रवक्ता की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह तक 13 राजमार्गों पर अब तक परिचालन बहाल नहीं होने के कारण वैकल्पिक रास्ता खोलने का प्रयास जारी है। आम लोगों को जानकारी दी गई है कि अवरुद्ध रहे राजमार्ग पर कोई भी यात्रा न करे। सार्वजनिक बसों को इन राजमार्गों पर चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
काठमांडू से तराई को जोड़ने वाले सबसे कम दूरी के दक्षिणकाली राजमार्ग 8 स्थानों पर भूस्खलन के कारण पूरी तरह से अवरुद्ध है। पिछले हफ्ते बाढ़ से पूरी तरह टूट चुकी सड़क चालू करने में काफी समय लगने वाला है। सड़क विभाग की तरफ से कहा गया है कि हेतौड़ा से लेकर सिसनेरी तक यह राजमार्ग आठ स्थानों पर नदी में आए बाढ़ में बह गया है। यहां दुबारा सड़क बनाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। इस राजमार्ग पर आए भूस्खलन के मलबे को हटाने का काम जारी है।
इसी तरह काठमांडू से बाहर निकलने वाले नवनिर्मित कांतिपथ राजमार्ग जो कि ललितपुर के गोदावरी से होकर गुजरती है, यह राजमार्ग 6 स्थानों पर पूरी तरह से टूट चुका है। इस राजमार्ग का अब तक औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हो पाया था। इस राजमार्ग पर भूस्खलन के कारण करीब पांच किलोमीटर की सड़कें भी टूट चुकी हैं और राजमार्ग पर बने तीन नवनिर्मित पुल भी बाढ़ के पानी में बह गये हैं।
पुलिस ने जानकारी दी है कि लेले-टीकाभैरव की ओर जाने वाली सड़क चालू नहीं है। धनकुटा के चौबीसे में भूस्खलन से रांके भेड़ेटार मार्ग अवरुद्ध है, जिसके कारण विराटनगर से धारण होते हुए संखुवसभा को जोड़ने वाला यह राजमार्ग भी अवरुद्ध है। इस राजमार्ग के अवरुद्ध होने से संखुवासभा में निर्माणाधीन अरुण 3 हाइड्रो पावर प्रॉजेक्ट का निर्माण कार्य भी रुक गया है।
काठमांडू से कलंकी होते हुए चितवन को जोड़ने वाले पृथ्वी राजमार्ग और काठमांडू से बलखू होते हुए मकवानपुर तक जाने वाले त्रिभुवन राजमार्ग भी अवरुद्ध है।इन दोनों ही राजमार्ग पर क्रमश: 5 और 3 स्थानों पर भूस्खलन से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इसी राजमार्ग को जोड़ने वाले नौबीसे नागढूंगा के पास जबरदस्त भूस्खलन की चपेट में दो यात्री बसों के फंसने से 40 यात्रियों की मौत हो गई थी। यहां भूस्खलन का मलबा हटाने का काम अंतिम चरण में है लेकिन टूटी सड़क को बनाने में काफी समय लगने वाला है।
इसी तरह कुलेखानी मार्खू रोड, भीमफेदी कुलेखानी फाखल रोड और रामचंद्र भंजयांग पूरी तरह से अवरुद्ध है। भूस्खलन से काभ्रेपलानचोक और सिंधुली में 4 स्थानों पर बीपी राजमार्ग अवरुद्ध हो गया है। रोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण बीपी राजमार्ग पर बने 8 पुल टूट चुके हैं।

