
नई दिल्ली । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली (आईआईटी-डी) ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग: एशिया 2025’ में भारत में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
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क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) ने बुधवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग: एशिया 2025 जारी की है। एशिया क्षेत्र से कुल 984 विश्वविद्यालयों ने इस सूची में अपना स्थान पाया है, जिनमें 22 विश्वविद्यालय भारत के हैं। देश के 6 विश्वविद्यालयों ने एशिया के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में स्थान हासिल किया है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (आईआईटी-डी) ने 44वें स्थान के साथ भारत में शीर्ष स्थान हासिल किया, इसके बाद भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे (आईआईटी-बी) 48वें स्थान और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी-एम) 56वें स्थान पर है। ये सूची में शामिल होने वाले देश के शीर्ष तीन विश्वविद्यालय हैं।
आईआईटी दिल्ली 46वें स्थान से चढ़कर 44वें स्थान पर पहुंच गया, जिससे वह राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान पर पहुंच गया और पिछले वर्ष के अग्रणी आईआईटी बॉम्बे से आगे निकल गया। वहीं, आईआईटी बॉम्बे 40वें स्थान से फिसलकर 48वें स्थान पर आ गया।
ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ आईआईटी बॉम्बे की रैंकिंग में गिरावट आई है, बल्कि आईआईटी मद्रास, आईआईटी खड़गपुर, आईआईएससी और आईआईटी कानपुर जैसे कुछ अन्य शीर्ष विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में भी गिरावट आई है। आईआईटी बॉम्बे की रैंकिंग में आठ रैंक की गिरावट आई है, जबकि आईआईटी मद्रास की रैंकिंग में तीन साल की गिरावट (इस साल 53 से 56 पर) देखी गई है। भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) और आईआईटी कानपुर की रैंकिंग में चार-चार रैंक की गिरावट देखी गई है, क्योंकि आईआईएससी इस साल 58 से 62 पर आ गया है और आईआईटी-के इस साल 63 से 67 पर आ गया है। हालांकि, आईआईटी खड़गपुर की रैंकिंग में सिर्फ़ एक रैंक की गिरावट आई है, वह इस साल 59 से 60वें स्थान पर आ गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) इस साल 13 रैंक की बड़ी छलांग लगाकर 81वें स्थान पर पहुंच गया है। आईआईटी गुवाहाटी क्षेत्रीय स्तर पर 104वें स्थान पर है और भारत में शीर्ष 8वां स्थान प्राप्त किया है। इसके बाद भारत की शीर्ष 10 की सूची में आईआईटी रुड़की और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) का स्थान है।

