
चंडीगढ़ । पंजाब के शंभू व खनौरी में चल रहे किसान आंदोलन पर अब किसान संगठनों ने अलग-अलग फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान किया है कि किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी की तीन जनवरी को होने वाली बैठक में मोर्चा शामिल नहीं होगा।
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एसकेएम ने शंभू और खनौरी मोर्चे में कोई भूमिका न होने के चलते यह फैसला लिया गया है। जबकि पहले दावा किया गया था कि संयुक्त किसान मोर्चे के नेता बैठक में शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से यह कमेटी पूर्व न्यायाधीश नवाब सिंह की अगुआई में गठित की गई है। कमेटी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर में अंतरिम रिपोर्ट सौंपी थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि आंदोलन करने वाले किसान बातचीत के लिए नहीं आ रहे हैं। किसानों से उनकी सुविधा के अनुसार तारीख और समय भी मांगा गया था, लेकिन उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
हरिंदर सिंह लखोवाल ने बुधवार काे जानकारी दी कि जो पत्र आया है, उसमें रास्तों को खोलने के बारे में किसानों को मनाने जैसे मुद्दे हैं। यह बात भी गलत है, कि रास्ते किसानों ने रोक रखे हैं, रास्ते तो सरकार ने बंद कर रखे हैं। जबकि किसानों की मांगों को लेकर कोई जिक्र ही नहीं है। ऐसे में हमने मीटिंग में नहीं जाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि करीब चार दिन पहले यह बात सामने आई थी कि हाई पावर कमेटी ने पंचकूला के रेस्ट हाउस में तीन जनवरी काे मीटिंग बुलाई है। जैसे ही यह जानकारी आई थी, उसके बाद संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं ने आपसी सहमति के साथ बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।

