
“राजीव नगर के रहवासी बोले- अब नहीं सहेंगे समिति की मनमानी, प्रशासन से की सोसाइटी भंग करने की मांग”
छत्तीसगढ़: भारत गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित में लिप्त अनियामित्तताओ से प्रताड़ित होकर राजिव नगर रहवासी अब लामबंद हो गये है एवं उनके सब्र का बाँध टूट चुका है। उनकी शिकायत है की समिति ने कॉलोनी प्रबंधन का मजाक बना दिया है। ना तो राजिव नगर कॉलोनी में समिति का कोई कार्यालय है, ना ही कोई जिम्मेदार पदाधिकारी जो किसी शिकायत का निवारण कर सके। समिति के अध्यक्ष के पद पर बिल्डर / कोलोनाइजर के परिवार का पिछले 35-40 वर्षों से कब्ज़ा है। चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओ एवं पारदर्शिता की कमी की वजह से पदाधिकारियों की चयन प्रक्रिया एक पहेली बन कर रह गयी है। विगत कई वर्षों से एवं वर्तमान में राजीव नगर कालोनी की सफाई, नालियो / सड़क / स्ट्रीट लाइट का रखरखाव, सेनिटेशन, जलप्रदाय एवं बुनियादी ढांचों का निर्माण एवं रखरखाव नगर निगम प्रशासन द्वारा निष्पादित किया जा रहा है, परन्तु इन सभी के बावजूद समिति प्रबंधन उपरोक्त के एवज में रहवासियों से प्रतिवर्ष मेंटेनेंस के नाम पर शुल्क वसूल कर रही है। भूभाटक के नाम पर शुल्क वसूला जा रहा है, जिसे शासन के कोष में कई वर्षों से जमा नहीं किया गया है। सोसाइटी के वित्तीय लेनदेन में घोर अनियमितताएं व्याप्त हैं रहवासीगण स्वतंत्र ऑडिटर नियुक्त कर जांच की मांग कर रहे हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रहवासियों को सोसाइटी एवं नगर निगम दोनों को शुल्क देना पड़ रहा है जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध है। रहवासीगण यह मांग कर रहे हैं कि बिल्डर / कोलोनाइज़र की मनमानी पर लगाम लगे एवं भारत गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित को तुरंत प्रभाव से भंग किया जाए एवं राजीव नगर कॉलोनी को नगर निगम प्रशासन को सौंप दिया जाए। नियमानुसार बिल्डर को निर्माण पूर्ण होने के बाद 3 वर्षों के भीतर ही इसे नगर निगम को सौंप दिया जाना चाहिए था। आज दिनांक 13/5/2025 को रहवासियों के प्रतिनिधिमंडल ने सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर में अपना ज्ञापन सौंपा एवं शासन से यह निवेदन किया की रहवासियों के हित में निर्णय लेकर भारत गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित को भंग कर सोसाइटी प्रबंधन की मनमानी से हमें निजात दिलाये। कमिश्नर नगर निगम, महापौर महोदया, विधायक रायपुर उत्तर एवं पार्षद कालीमाता वार्ड की उपस्थिति में प्रतिनिधियों सर्व श्री गोविंद अग्रवाल, विजय जीवन, सुव्रत डे अमित जीवन, आलोक सिंह, राकेश सैमुअल, गुप्तेश्वर गुप्ता, वासुदेव जीवन नारायण राव, रामा राव, मुकेश, प्रतिक बनर्जी, पवन भिरवानी, कन्हैयालाल कान्या, दामोदर पंजवानी, किशोर बजाज, प्रेम जेठानी, डी आर धगे एवं अन्य के साथ व्यक्तिगत चर्चा कर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

