
शेयर बाजार में फिर लौटी रौनक: लगातार दूसरे दिन चढ़ा Sensex और Nifty, विदेशी निवेशकों की वापसी ने बढ़ाया भरोसा
शेयर बाजार में उछाल और गिरावट का खेल!-गुरुवार को शेयर बाजार में जबरदस्त शुरुआत हुई, लेकिन बाद में मामूली गिरावट भी देखने को मिली। ICICI बैंक और रिलायंस जैसे बड़े शेयरों में खरीदारी का दौर जारी रहा। विदेशी निवेशकों की वापसी और RBI के ब्याज दर में कमी की उम्मीद से बाजार में जान आई, लेकिन दिन के अंत में मुनाफावसूली ने थोड़ी गिरावट ला दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सेंसेक्स में उछाल और फिर गिरावट-सेंसेक्स ने दिन में 912 अंक की बढ़त बनाई, लेकिन बाद में 443.79 अंक गिरकर 81,442.04 पर बंद हुआ। निफ्टी 130.70 अंक चढ़कर 24,750.90 पर बंद हुआ। लगभग 2,257 शेयरों ने बढ़त बनाई, जबकि 1,725 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। यह उतार-चढ़ाव दिखाता है कि बाजार अभी भी कुछ अनिश्चितता से जूझ रहा है, लेकिन कुल मिलाकर सकारात्मक रुझान बना हुआ है।
विदेशी निवेशकों का भरोसा-पिछले दो दिनों की बिकवाली के बाद, विदेशी निवेशकों ने बुधवार को फिर से खरीदारी शुरू कर दी। उन्होंने 1,076 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार में उनके बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। विदेशी निवेशकों का वापस आना बाजार के लिए एक अच्छा संकेत है।
अच्छी कमाई और आर्थिक संकेतों का असर-Geojit Investment के विनोद नायर का मानना है कि बाजार फिर से तेजी की ओर बढ़ रहा है। अच्छे आर्थिक संकेत और कंपनियों के मुनाफे के अनुमानों से निवेशक उत्साहित हैं। यह सकारात्मक रुख आने वाले समय में बाजार के लिए फायदेमंद हो सकता है।
सेक्टर्स का प्रदर्शन-रियल्टी (1.79%), हेल्थकेयर (0.88%), और कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी (0.73%) सेक्टर्स में अच्छी बढ़त देखी गई। ऑटो और ऑयल एंड गैस सेक्टर्स में थोड़ी कमजोरी रही। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी बढ़त दर्ज की गई। यह दिखाता है कि कुछ क्षेत्रों में निवेशकों का रुझान ज्यादा है।
वैश्विक बाजारों का प्रभाव-एशियाई बाजारों में कोरिया, शंघाई और हांगकांग के बाजार मजबूत रहे, जबकि जापान का निक्केई नीचे रहा। यूरोपीय बाजारों में तेजी देखी गई। अमेरिकी बाजार बुधवार को मिश्रित रुख के साथ बंद हुए। वैश्विक बाजारों का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है।
RBI की नीति पर नज़रें-सबकी निगाहें अब RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की घोषणा पर टिकी हैं, जो शुक्रवार को होगी। ब्याज दर में कमी की उम्मीद से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। RBI का फैसला बाजार के भविष्य को प्रभावित करेगा।
