
उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया रूप!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में होगा कायाकल्प-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को और बेहतर बनाने की कमान संभाली है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी हाल में कमज़ोर नहीं होनी चाहिए। अब अस्पतालों को सिर्फ़ रेफरल सेंटर नहीं बनने दिया जाएगा, बल्कि ज़मीनी स्तर पर बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
योजनाओं के साथ, नतीजे भी दिखेंगे!-मुख्यमंत्री जी ने योजनाओं की प्रगति पर कड़ी नज़र रखने के लिए मुख्य सचिव को खास बैठक करने का निर्देश दिया है। दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को टेलीमेडिसिन के ज़रिए मेडिकल कॉलेजों से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें बड़े डॉक्टरों की सलाह आसानी से मिल सकेगी। अब सिर्फ़ योजनाएं नहीं, बल्कि उनके नतीजे भी दिखने चाहिए, ये बात मुख्यमंत्री जी ने साफ़ कर दी है।
आध्यात्मिक पर्यटन से स्वास्थ्य पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा-उत्तराखंड में योग और वेलनेस को बढ़ावा देने की योजना है। दो आध्यात्मिक केंद्रों का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। योग और आयुष को राज्य की विरासत मानते हुए, स्वास्थ्य पर्यटन को मज़बूत करने की रणनीति बनाई जा रही है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।
वेलनेस केंद्रों का होगा विकास और उन्नयन-हर साल एक निश्चित लक्ष्य के साथ वेलनेस केंद्रों का विकास किया जाएगा। जीएमवीएन, केएमवीएन और वाइब्रेंट विलेज जैसे क्षेत्रों में भी ऐसे केंद्र बनाए जाएँगे। पुराने केंद्रों का आधुनिकीकरण भी प्राथमिकता में है।
योग नीति और निदेशालय की स्थापना से मिलेगा नया आयाम-योग निदेशालय की स्थापना की जाएगी और योग केंद्रों का पंजीकरण ज़रूरी होगा। इससे योग केंद्रों की गुणवत्ता में सुधार आएगा और नए केंद्र खोलने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा।
आयुष क्षेत्र में निवेश और रोज़गार के अवसर-निवेशक सम्मेलन के बाद आयुष क्षेत्र में 1100 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के साथ-साथ युवाओं को रोज़गार के अवसर भी मिलेंगे।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का होगा उन्नयन-300 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उन्नत किया जा रहा है। 149 मंदिरों को पहले ही एनएबीएच प्रमाणन मिल चुका है। इससे इन केंद्रों की सेवाओं में सुधार आएगा और लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा।

