
70 की उम्र में भी दिलों पर राज: अनुपम खेर का जीवन दर्शन-चार दशक से बॉलीवुड में छाए रहने वाले अनुपम खेर आज भी लाखों दिलों में राज करते हैं। 500 से ज़्यादा फिल्मों में काम करने के बाद भी, उन्होंने कभी अपनी ज़िंदगी में घर खरीदने की ज़रूरत नहीं समझी। आइए जानते हैं उनके जीवन दर्शन के बारे में।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!41 साल किराए पर: सादगी का महत्व-अनुपम खेर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में बताया कि वो 41 साल से मुंबई में किराए के घर में रह रहे हैं। उन्होंने गौतम बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि ज़िंदगी में बहुत कम चीज़ों की ज़रूरत होती है। उनके लिए परिवार और रिश्ते सबसे कीमती हैं, भौतिक चीज़ों से कहीं ज़्यादा। उनका मानना है कि असली खुशी सादगी में है, न कि संपत्ति जमा करने में। यह दर्शाता है कि सच्ची खुशी भौतिक चीजों से नहीं, बल्कि रिश्तों और आंतरिक शांति से मिलती है।
शांति से ज़्यादा कुछ नहीं: संपत्ति से परे-अनुपम खेर कहते हैं कि वो अपने पीछे कोई संपत्ति नहीं, बल्कि शांति छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर लोगों की मौत के बाद उनकी संपत्ति को लेकर विवाद हो जाते हैं, जिससे परिवार में दरार आ जाती है। उनका मानना है कि पैसे बांटना आसान है, लेकिन ज़मीन-जायदाद का बंटवारा मुश्किल। वो नहीं चाहते कि उनके जाने के बाद उनके परिवार में ऐसी कोई परेशानी हो। यह उनके दूरदर्शी सोच और परिवार के प्रति प्रेम को दर्शाता है।
बुजुर्गों की कहानियाँ: जीवन का सबक-अनुपम खेर ने कई बुजुर्गों की ऐसी कहानियाँ सुनी हैं, जिनके बच्चों ने ही उन्हें घर से निकाल दिया। कई बार तो संपत्ति हड़पने के लिए ज़बरदस्ती दस्तख़त भी करवाए गए। इन घटनाओं ने उन्हें बहुत प्रभावित किया। इसीलिए उन्होंने फैसला किया कि वो सरल ज़िंदगी जीएँगे और संपत्ति के पीछे नहीं भागेंगे। उनके लिए रिश्ते ही सबसे बड़ी पूंजी हैं। यह अनुभवों से सीखने और जीवन के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
करोड़ों की संपत्ति, फिर भी सादा जीवन: मूल्यों का महत्व-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुपम खेर की कुल संपत्ति 405 करोड़ रुपये से ज़्यादा है। उनकी मासिक कमाई भी करोड़ों में है। भले ही उनके पास धन की कोई कमी नहीं है, लेकिन वो भौतिक संपत्ति से ज़्यादा मानवीय रिश्तों को महत्व देते हैं। यह दिखाता है कि धन-संपत्ति से ज़्यादा महत्वपूर्ण हैं जीवन के मूल्य और मानवीय संबंध।
