
सीएम धामी ने की हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र की योजनाओं की समीक्षा, विकास कार्यों में तेजी के निर्देश
हरिद्वार का कायाकल्प: विकास योजनाओं की समीक्षा और जनता की आवाज़
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हरिद्वार के विकास की दिशा में एक नया कदम-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के विकास कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को जनता की समस्याओं का तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए विधायकों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल पर ज़ोर दिया। हर विधानसभा क्षेत्र के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी फ़ैसला लिया गया ताकि कामों में तेज़ी आए और किसी भी तरह की समस्या का तुरंत निपटारा हो सके। यह कदम हरिद्वार वासियों के लिए बेहद फ़ायदेमंद साबित होगा।
तेज़ी से विकास और समस्याओं का समाधान-मुख्यमंत्री ने उन योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए जिन पर विधायक ज़ोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी काम में कोई रुकावट आती है, तो विधायक और विभाग के अधिकारी मिलकर उसका समाधान निकालें। हरिद्वार में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान ढूँढ़ने के लिए एक विस्तृत सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऋषिकेश त्रिवेणी घाट पर पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक महीने के अंदर एक विस्तृत योजना (डीपीआर) तैयार करने को कहा गया है। साथ ही, हर विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के नए तरीकों पर भी विचार किया गया।
पर्यटन, बुनियादी ढाँचा और मानसून के बाद की योजनाएँ-संजय झील को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर तेज़ी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात सुचारू रूप से चल सके, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की योजना बनाने पर ज़ोर दिया गया है। शहरों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और पार्कों को और सुंदर बनाने पर भी ध्यान दिया गया है। मानसून के बाद निर्माण कार्यों में तेज़ी लाने और सड़कों की मरम्मत पर भी चर्चा हुई। एम्स ऋषिकेश और किच्छा के सैटेलाइट केंद्र के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने और हर जिले में दो आदर्श गाँव विकसित करने की योजना पर भी विचार किया गया है।

