
जतिन नचरानी
रायपुर। गुम हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए रायपुर पुलिस ने प्रभावी कदम उठाए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत गुम हुए 250 मोबाइल फोन, जिनकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये है, को विभिन्न राज्यों से बरामद कर 5 अगस्त 2025 को उनके स्वामियों को सौंपा गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
डॉ. लाल उमेद सिंह ने गुम मोबाइल फोन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थानों की संयुक्त टीम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके तहत पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर गुम मोबाइल फोनों को ढूंढने में सफलता हासिल की। बरामद मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों से प्राप्त किए गए।
पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से वतर्मान मोबाइल धारकों की पहचान की। कई मामलों में, जब धारकों को सूचित किया गया कि उनके पास गुम मोबाइल है, तो उन्होंने फोन बंद कर दिया। इसके बावजूद, रायपुर पुलिस ने अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से मोबाइल धारकों की तस्दीक कर फोन बरामद किए। कुछ मामलों में धारकों ने स्वयं कुरियर के माध्यम से फोन वापस किए, जबकि अन्य फोन कुरियर से मंगवाए गए।
यह अभियान रायपुर पुलिस की तकनीकी दक्षता और अंतरराज्यीय समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। वर्ष 2025 में अब तक रायपुर पुलिस ने कुल 550 गुम मोबाइल फोन, जिनकी कीमत 1 करोड़ 10 लाख रुपये है, बरामद कर उनके स्वामियों को वापस किए हैं। इस उपलब्धि से न केवल नागरिकों का पुलिस पर भरोसा बढ़ा है, बल्कि साइबर अपराधों पर भी प्रभावी अंकुश लगा है।
