
उत्तराखंड में बारिश का कहर: मद्महेश्वर धाम जाने वाला रास्ता टूटा, यात्री जगह-जगह फंसे
उत्तराखंड में आफत की बारिश: नदियां उफान पर, यात्रा मार्ग बंद, यात्री फंसे!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पहाड़ों पर कुदरत का कहर, जनजीवन अस्त-व्यस्त-उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात को और भी गंभीर बना दिया है। पहाड़ों में छोटे-बड़े नाले, गाड़-गदेरे और नदियां सब अपने पूरे उफान पर बह रही हैं। इस भारी बारिश का सीधा असर यात्रा मार्गों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। खासकर, चारधाम यात्रा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले रास्ते भूस्खलन और कटाव के कारण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और कई जगहों पर बंद हो गए हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
मद्महेश्वर धाम का रास्ता भूस्खलन से बंद, यात्री फंसे-बारिश के कहर ने द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम की यात्रा को भी रोक दिया है। शनिवार रात को हुई भारी बारिश के कारण मद्महेश्वर घाटी में स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है। आधार शिविर गौंडार से बनतोली तक का लगभग 50 मीटर लंबा पैदल मार्ग भूस्खलन की चपेट में आकर पूरी तरह टूट गया है। इस वजह से कई श्रद्धालु और स्थानीय लोग रास्ते में ही फंस गए हैं, और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी है।
यात्रियों की फजीहत, बचाव कार्य जारी-रास्ता बंद होने के कारण न केवल मद्महेश्वर धाम बल्कि अन्य यात्रा पड़ावों पर भी कई यात्री फंसे हुए हैं। इन यात्रियों को कई घंटों से वहीं रुकना पड़ रहा है और उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को बचाव कार्यों के लिए तैनात कर दिया है। ये टीमें लगातार फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं, हालांकि मौसम की प्रतिकूलता के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियां आ रही हैं।
मैदानी इलाकों में भी बाढ़ का खतरा, गंगा का जलस्तर बढ़ा-यह बारिश सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मैदानी क्षेत्रों में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। हरिद्वार में पवित्र गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। गंगा के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी का दबाव बढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन की अपील: यात्रा से पहले लें मौसम की जानकारी-वर्तमान स्थिति को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग द्वारा जारी की गई नवीनतम जानकारी अवश्य जांच लें। साथ ही, यात्रा के लिए सुरक्षित और खुले हुए मार्गों का ही चुनाव करें ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव और राहत कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन बारिश का जारी रहना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

