
“एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़ें, धामी सरकार ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
माँ के नाम एक पेड़: उत्तराखंड में शुरू हुआ एक अनोखा अभियान, सीएम धामी ने किया आगाज़!-भराड़ीसैंण, गैरसैंण में एक बेहद खास पहल की शुरुआत हुई है, जिसने पर्यावरण संरक्षण को एक नया और भावनात्मक आयाम दिया है। हमारे मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूडी भूषण ने मिलकर **“एक पेड़ मां के नाम”** अभियान का शुभारंभ किया। इस मौके पर दोनों हस्तियों ने खुद पौधा लगाकर यह संदेश दिया कि अगर हम सब मिलकर अपनी माँ के नाम पर एक-एक पेड़ लगाएं, तो हम अपने पर्यावरण को एक नई जान दे सकते हैं। यह सिर्फ एक पौधा लगाना नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारा प्रेम और सम्मान व्यक्त करने का एक सुंदर तरीका है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हर कोई लगाए कम से कम एक पौधा: सीएम की अपील-मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के सभी नागरिकों से एक heartfelt अपील की है। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। यह एक छोटा सा कदम लग सकता है, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव लाएगा। यह सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि हमारे बच्चों के लिए एक सुरक्षित, स्वस्थ और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में पहला कदम है।
क्यों है यह अभियान इतना खास? पर्यावरण और संतुलन का राज़!-मुख्यमंत्री धामी ने इस अभियान के गहरे अर्थ को समझाते हुए कहा कि **“एक पेड़ मां के नाम”** सिर्फ पेड़ लगाने का कार्यक्रम मात्र नहीं है। यह पर्यावरण को बचाने और हमारे ग्रह के जलवायु संतुलन को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिस तरह से आज मौसम बदल रहा है और प्रदूषण बढ़ रहा है, उससे निपटने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है अधिक से अधिक पेड़ लगाना। यह हमारे ग्रह को सांस लेने में मदद करने जैसा है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित कल-यह अभियान आज की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित भविष्य की नींव रखने के बारे में है। जब हम आज पौधे लगाएंगे, तो कल हमारे बच्चे ताज़ी हवा में सांस ले पाएंगे, उन्हें स्वच्छ पानी मिलेगा और वे एक हरी-भरी दुनिया में बड़े होंगे। यह प्रयास उन्हें एक स्वस्थ जीवन और एक बेहतर पर्यावरण देने का हमारा वादा है।
मंत्री और अधिकारी भी आए आगे, जनता को दिया साथ-इस नेक काम में सिर्फ मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि कई मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज, श्री सुबोध उनियाल, श्रीमती रेखा आर्या और श्री सौरभ बहुगुणा ने भी अपने हाथों से पौधे लगाए। उनके साथ ही मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव श्री आर.के सुधांशु, डीजीपी श्री दीपम सेठ और प्रमुख वन संरक्षक श्री समीर सिन्हा जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस अभियान का हिस्सा बनकर आम जनता को प्रेरित किया।
जनता का साथ ही है इस अभियान की असली ताकत-सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि इस “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की असली सफलता तभी मिलेगी जब इसमें आम जनता का पूरा सहयोग होगा। अगर हर परिवार अपने घर के आसपास, खेत में या बगीचे में एक पौधा लगाता है और उसकी देखभाल करता है, तो यकीन मानिए, आने वाले कुछ ही सालों में हमारा उत्तराखंड पूरी तरह से हरियाली की चादर ओढ़ लेगा।
माँ के नाम पेड़: एक अनूठा भावनात्मक जुड़ाव-यह अभियान केवल पर्यावरण की चिंता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे दिलों को प्रकृति से जोड़ने का एक सुंदर माध्यम भी है। जब हम अपनी माँ के नाम पर एक पेड़ लगाते हैं, तो यह हमें जिम्मेदारी का एहसास कराता है और प्रकृति के प्रति हमारे जुड़ाव को और गहरा करता है। यह पहल हर नागरिक को अपनी जड़ों और इस खूबसूरत धरती से जोड़ने का एक अनमोल अवसर प्रदान करती है।

