
जतिन नचरानी-
रायपुर। लीची एक स्वादिष्ट और पोषक फल है, लेकिन इसके कच्चे फल और बीज में मौजूद मेथिलीन साइक्लोप्रोपाइल ग्लाइसिन नामक विष बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। रायपुर के चिकित्सक डॉ. वेदप्रकाश देवांगन ने चेतावनी दी है कि खाली पेट लीची खाने से बच्चों में हाइपोग्लाइसीमिया (लो ब्लड शुगर) और एन्सेफैलोपैथी (दिमाग में सूजन) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। यह खतरा विशेष रूप से कुपोषित बच्चों में अधिक देखा जाता है।
डॉ. देवांगन के अनुसार, यदि बच्चे रात का भोजन छोड़कर खाली पेट अधिक मात्रा में लीची खाते हैं, तो रात में बेहोशी, दौरे, या गंभीर स्थिति का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को खाली पेट लीची नहीं खिलानी चाहिए। सोने से पहले रात का भोजन अनिवार्य रूप से कराना चाहिए। कच्ची या अधपकी लीची से बचना जरूरी है, और यदि बच्चे में असामान्य लक्षण दिखें, तो तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। डॉ. देवांगन ने बताया कि जागरूकता और सावधानी से इस समस्या को पूरी तरह रोका जा सकता है। लीची का सेवन सीमित मात्रा में और भोजन के बाद करना सुरक्षित है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें और लीची खाने से पहले इन बातों का ध्यान रखें। यह सलाह खासकर गमिर्यों में लीची के मौसम के दौरान महत्वपूर्ण है, जब इसका सेवन बढ़ जाता है।

