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“क्या वाकई E20 फ्यूल से गाड़ियां 5% तक ज्यादा पेट्रोल खाएंगी?”

E20 पेट्रोल: क्या यह आपकी गाड़ी के लिए वरदान है या अभिशाप? जानें सब कुछ!-भारत में अब धीरे-धीरे 20% इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल, जिसे हम E20 के नाम से जानते हैं, का इस्तेमाल बढ़ रहा है। सरकार की मानें तो इससे न केवल हमारे पर्यावरण को फायदा होगा, बल्कि हमारे किसानों की आय भी बढ़ेगी। लेकिन आम आदमी के मन में एक ही सवाल है – क्या E20 पेट्रोल से हमारी गाड़ियों का माइलेज कम हो जाएगा? ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और सरकारी रिपोर्ट्स इस पर अलग-अलग बातें कह रही हैं। आइए, इस मामले को थोड़ा और गहराई से समझते हैं ताकि आप सही फैसला ले सकें।

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 क्या माइलेज पर पड़ेगा असर? इथेनॉल का खेल!-ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि इथेनॉल की एनर्जी वैल्यू, यानी उसकी कैलोरिफिक वैल्यू, पेट्रोल के मुकाबले थोड़ी कम होती है। इसका सीधा मतलब है कि जब हम पेट्रोल में इथेनॉल मिलाते हैं, तो कुल मिलाकर ईंधन में एनर्जी की मात्रा थोड़ी कम हो जाती है। इसी वजह से, जब आप E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको माइलेज में 2% से लेकर 5% तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि, यह गिरावट कितनी होगी, यह आपकी गाड़ी के मॉडल और उसके इंजन पर काफी हद तक निर्भर करेगा। लेकिन अच्छी बात यह है कि एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह अंतर इतना बड़ा नहीं है कि रोज़मर्रा की ड्राइविंग में आपको कोई खास परेशानी हो। बल्कि, कुछ एक्सपर्ट्स का तो यह भी कहना है कि खासकर शहरों में, जहाँ गाड़ियाँ बार-बार स्टार्ट और स्टॉप होती हैं, E20 पेट्रोल से आपको बेहतर पिकअप और स्मूथ ड्राइविंग का अनुभव भी मिल सकता है, जो काफी राहत की बात है।

 नई गाड़ी या पुरानी? E20 का किसे होगा ज्यादा फायदा?-अगर आपकी गाड़ी बिल्कुल नई है और कंपनी ने उसे E20 फ्यूल के लिए ही तैयार किया है, तो आपको ज़्यादा चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। ऐसी गाड़ियों के इंजन और उसके पुर्ज़े इस तरह से डिज़ाइन किए जाते हैं कि वे E20 फ्यूल को आसानी से संभाल सकें। आपको बता दें कि कई कार कंपनियाँ साल 2009 से ही अपने कई मॉडल्स में E20 सपोर्ट दे रही हैं। लेकिन, अगर आपकी गाड़ी थोड़ी पुरानी है और उसे E20 फ्यूल के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है, तो लंबे समय में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। जैसे कि, गाड़ी के कुछ हिस्से जैसे गास्केट, फ्यूल पाइप और रबर के होसेस धीरे-धीरे खराब हो सकते हैं। यह असर एकदम से नहीं दिखेगा, बल्कि समय के साथ धीरे-धीरे होगा। इसलिए, अगर आपकी गाड़ी पुरानी है, तो आपको उसकी सर्विसिंग पर थोड़ा ज़्यादा ध्यान देना होगा ताकि ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।

 सरकार की E20 योजना: पर्यावरण और किसानों के लिए क्यों है खास?-सरकार जिस तरह से E20 फ्यूल को बढ़ावा दे रही है, उसके पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे पहला तो यह है कि इससे पेट्रोल पर हमारी निर्भरता कम होगी, जो आयातित है। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण है पर्यावरण की सुरक्षा। इथेनॉल, जो कि गन्ने और मक्के जैसी फसलों से बनाया जाता है, के इस्तेमाल से प्रदूषण में कमी आती है। साथ ही, जब इथेनॉल का उत्पादन बढ़ता है, तो सीधे तौर पर किसानों की आय में भी वृद्धि होती है, जो कि एक बहुत अच्छी बात है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि E20 पेट्रोल से गाड़ियों को बेहतर एक्सीलरेशन मिलता है, जिससे शहर के ट्रैफिक में गाड़ी चलाना और भी आसान हो जाता है। उनका यह भी मानना है कि इथेनॉल की वजह से इंजन के अंदर एयर-फ्यूल मिक्सचर की डेंसिटी बढ़ती है, जिससे इंजन की वॉल्यूमेट्रिक एफिशिएंसी में भी सुधार होता है। यानी, सरकार का साफ मानना है कि भले ही माइलेज में थोड़ी कमी आए, लेकिन लंबे समय में E20 फ्यूल हमारे पर्यावरण और हमारी अर्थव्यवस्था, दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

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