
प्रज्ञानंधा ने किया इतिहास: सिनक्वेफील्ड कप में उपविजेता बनकर ग्रैंड चेस टूर फाइनल में बनाई जगह
प्रज्ञानंधा का धमाल: सिनक्वेफील्ड कप में जीता दिल, ग्रैंड चेस टूर फाइनल में बनाई जगह!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भारत का उभरता सितारा: प्रज्ञानंधा का शानदार प्रदर्शन-हमारे युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर, आर प्रज्ञानंधा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे शतरंज की दुनिया में एक बड़ा नाम बनने वाले हैं। अमेरिका में आयोजित सिनक्वेफील्ड कप में उन्होंने ऐसा खेल दिखाया कि सब देखते रह गए। भले ही उन्होंने यह कप जीता नहीं, लेकिन उपविजेता बनकर उन्होंने सबको हैरान कर दिया। इस शानदार प्रदर्शन से उन्होंने ग्रैंड चेस टूर फाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली है। यह टूर्नामेंट काफी कड़ा मुकाबला वाला था, जिसमें अमेरिका के वेस्ली सो ने बाजी मारी। वेस्ली सो ने एक रोमांचक प्लेऑफ में जीत हासिल की, जिसमें तीन खिलाड़ी आमने-सामने थे। प्रज्ञानंधा, वेस्ली सो और फेबियानो कारुआना, तीनों ही 5.5 अंकों के साथ बराबरी पर थे, लेकिन अंत में प्लेऑफ ने ही विजेता का फैसला किया।
प्लेऑफ का रोमांच: किस्मत का खेल या कौशल का प्रदर्शन?-प्लेऑफ का दौर तो देखने लायक था! पहले टाईब्रेक में, प्रज्ञानंधा ने अमेरिका के जाने-माने खिलाड़ी कारुआना को हराकर सबको चौंका दिया। ऐसा लग रहा था कि कप भारत ही आएगा। लेकिन, खेल यहीं खत्म नहीं हुआ। अगले ही मुकाबले में वेस्ली सो ने प्रज्ञानंधा को हराकर अपनी बढ़त बना ली। इसके बाद, सो ने कारुआना के साथ ड्रॉ खेलकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। प्रज्ञानंधा को भले ही दूसरा स्थान मिला, लेकिन इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन यह दिखाता है कि वे अब दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।
अन्य दिग्गजों का हाल: कौन रहा आगे, कौन पीछे?-इस बार सिनक्वेफील्ड कप में कई बड़े नाम शामिल थे। लिवॉन आरोनियन ने थोड़ा संभलकर खेलते हुए चौथा स्थान हासिल किया। वहीं, फ्रांस के मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव और पोलैंड के डूडा पांचवें स्थान पर रहे। हमारे अपने विश्व चैंपियन, डी गुकेश का प्रदर्शन इस बार उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। वे 4 अंकों के साथ छठे स्थान पर ही रह पाए। इसके अलावा, फ्रांस के अलीरेजा फिरोज्जा नौवें स्थान पर रहे, जबकि उज़्बेकिस्तान के नॉडिर्बेक अब्दुसत्तोरोव को सबसे आखिरी, यानी दसवां स्थान मिला।
आगे क्या? ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट की ओर नजरें-अब शतरंज की दुनिया की नजरें उज़्बेकिस्तान पर टिकी हैं, जहां 3 सितंबर से ग्रैंड स्विस टूर्नामेंट शुरू होने वाला है। इसे अब तक का सबसे कड़ा स्विस टूर्नामेंट माना जा रहा है, जिसमें दुनिया भर के टॉप खिलाड़ी भाग लेंगे। इस टूर्नामेंट की सबसे खास बात यह है कि जो भी खिलाड़ी पहले और दूसरे स्थान पर रहेगा, उसे सीधे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिलेगा। यही वह टूर्नामेंट है जो तय करेगा कि कौन मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश को विश्व खिताब के लिए चुनौती देगा। फिलहाल, प्रज्ञानंधा ही वह भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने कैंडिडेट्स में अपनी जगह पक्की कर ली है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।

