
पटना में भिड़े BJP और कांग्रेस कार्यकर्ता: राहुल गांधी की टिप्पणी से भड़की सियासत
राहुल गांधी के बयान पर बवाल: पटना में बीजेपी-कांग्रेस भिड़े, सदाकत आश्रम पर चला पत्थरबाजी का दौर!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जब जुबानी जंग पहुंची व्यक्तिगत हमलों पर: बीजेपी का कांग्रेस मुख्यालय पर हल्ला बोल!-भाई साहब, कल पटना में तो गजब हो गया! राहुल गांधी की एक टिप्पणी पर बीजेपी वाले इतने भड़क गए कि सीधे कांग्रेस के दफ्तर, सदाकत आश्रम, तक धावा बोल दिया। बात दरअसल ये है कि कुछ दिन पहले दरभंगा में राहुल गांधी अपनी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर थे, और वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां के बारे में कुछ ऐसी बातें कह दीं, जो बीजेपी वालों को बिल्कुल नागवार गुजरीं। बस फिर क्या था, बीजेपी ने ऐलान कर दिया कि वो इस बात का कड़ा विरोध करेंगे। पटना की सड़कें बीजेपी कार्यकर्ताओं से पट गईं, और सब के सब कांग्रेस मुख्यालय की ओर मार्च करने लगे। इस विरोध प्रदर्शन में बीजेपी के बड़े-बड़े नेता भी शामिल थे, जैसे मंत्री नितिन नवीन और विधायक संजीव चौरसिया। सब मिलकर राहुल गांधी से माफी की मांग कर रहे थे। नितिन नवीन ने तो बिल्कुल साफ कह दिया कि “प्रधानमंत्री मोदी का अपमान हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। राहुल गांधी और उनके साथियों को पूरे देश से माफी मांगनी होगी।” इस बयान के बाद तो माहौल और भी गरम हो गया और मार्च सीधा सदाकत आश्रम की ओर बढ़ चला। ये सब देखकर लग रहा था कि पटना की राजनीति में भूचाल आ गया है।
सदाकत आश्रम पर हंगामा: कांग्रेस दफ्तर पर फेंके गए पत्थर, मचा अफरातफरी!-जैसे ही बीजेपी वाले मार्च करते हुए सदाकत आश्रम पहुंचे, तो वहां कांग्रेस वालों ने गेट ही बंद कर दिया। अब आप ही बताइए, ऐसे में क्या होता? मामला वहीं बिगड़ गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाहर खड़े बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। अब बीजेपी वाले भी कहां चुप बैठने वाले थे? उन्होंने भी अपना गुस्सा दिखाया और पार्टी के झंडे ही जैसे हथियार की तरह फेंकने लगे। इतना ही नहीं, उन्होंने वहां खड़े वाहनों को भी नहीं छोड़ा और राहुल गांधी की तस्वीरों पर डंडों से वार कर दिया। भाई साहब, उस वक्त तो ऐसा लग रहा था जैसे कोई जंग का मैदान हो। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि अगर पुलिस समय पर नहीं आती तो ये झगड़ा बहुत बढ़ सकता था। इस पूरे हंगामे में कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा, सड़क पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और दोनों तरफ के समर्थक एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे थे। ये सब देखकर साफ लग रहा था कि बिहार की राजनीति में आजकल कितनी टेंशन और टकराव चल रहा है।
पुलिस की एंट्री और जांच का भरोसा: क्या थमेगा ये सियासी घमासान?-जब मामला इतना बिगड़ गया तो पुलिस फौरन एक्शन में आई। पटना (सेंट्रल) की एसपी दीक्षा ने बाद में बताया कि ये एक छोटी सी झड़प थी, लेकिन इसमें दोनों तरफ से कुछ लोग घायल हुए हैं और शिकायतें भी दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वो पूरे मामले की बारीकी से जांच करेगी और जो भी सच सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की अपील के बाद बीजेपी वाले वहां से चले गए और माहौल थोड़ा शांत हुआ। लेकिन एक बात तो पक्की है कि इस घटना ने ये साफ कर दिया है कि आने वाले समय में बीजेपी और कांग्रेस के बीच ये सियासी लड़ाई और भी तेज होने वाली है, खासकर तब जब नेता एक-दूसरे पर व्यक्तिगत हमले करने लगे हैं। अब पुलिस और प्रशासन के लिए ये एक बड़ी चुनौती होगी कि वो ऐसी घटनाओं को होने से कैसे रोकें और समय रहते हालात को कैसे संभाले। ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि ये सियासी जंग किस हद तक जाती है।
कांग्रेस का पलटवार: बीजेपी पर लगाया ‘गुंडागर्दी’ का आरोप, शुरू किया धरना!-इस घटना के बाद कांग्रेस वाले भी चुप नहीं बैठे। उन्होंने तुरंत बीजेपी पर इल्जाम लगाया कि उन्होंने ‘गुंडागर्दी’ की है और कांग्रेस मुख्यालय पर हमला किया है। इसी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सदाकत आश्रम के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि बीजेपी वाले लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ रहे हैं और विरोध जताने के नाम पर हिंसा पर उतर आए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का ये भी कहना था कि इस तरह की राजनीति से बिहार का माहौल और खराब होगा और समाज में नफरत फैलेगी। वहीं, पार्टी के नेताओं ने ये भी आरोप लगाया कि बीजेपी असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए ही ऐसे प्रदर्शन कर रही है। उनका कहना था कि जनता को बेवकूफ बनाने और सहानुभूति हासिल करने के लिए कांग्रेस मुख्यालय को निशाना बनाया गया। कांग्रेस का ये रुख साफ दिखाता है कि ये मामला इतनी आसानी से शांत होने वाला नहीं है और दोनों पार्टियों के बीच ये टकराव जारी रह सकता है। अब देखना ये है कि ये मामला कितना आगे बढ़ता है।
