देश-विदेश
Trending

ट्रंप ने मोदी को कहा ‘बेहतरीन प्रधानमंत्री’, लेकिन भारत से क्यों हैं नाराज़?

भारत-अमेरिका में तकरार, पर ट्रंप बोले- ‘दोस्ती खास, मोदी मेरे यार!’-आजकल भारत और अमेरिका के बीच कुछ अनबन चल रही है। इसकी वजह है भारत का रूस से तेल खरीदना और अमेरिका का भारत पर लगाया भारी टैरिफ। पर इन सबके बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका का रिश्ता हमेशा से ही खास रहा है और आगे भी रहेगा। ट्रंप ने साफ-साफ कहा, “मैं हमेशा नरेंद्र मोदी का दोस्त रहूंगा। वो एक बेहतरीन प्रधानमंत्री हैं। हाँ, अभी वो जो कर रहे हैं, उससे मैं थोड़ा नाखुश हूँ। लेकिन फिर भी, भारत और अमेरिका का रिश्ता बहुत खास है, बस कभी-कभी ऐसी छोटी-मोटी बातें हो जाती हैं।”ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के रिश्तों को पिछले बीस सालों में सबसे मुश्किल दौर से गुजरता हुआ माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि “चिंता की कोई बात नहीं है, यह सब बस मौजूदा हालात का असर है।” इस बात से यह साफ हो जाता है कि अमेरिका, भारत से थोड़ी नाराज़गी के बावजूद, अपने रिश्तों को खत्म करने के मूड में बिल्कुल नहीं है।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

 रूस से तेल खरीद पर ट्रंप की नाराजगी का राज-ट्रंप ने अपनी नाराजगी की सबसे बड़ी वजह भारत के रूस से तेल खरीदने को बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से निराशा है कि भारत इतना ज्यादा तेल रूस से खरीद रहा है। उनके मुताबिक, यह कदम रूस की युद्ध क्षमता को मजबूत करता है, जिससे यूक्रेन का संकट और भी गंभीर हो जाता है। इसी वजह से ट्रंप ने भारत पर 50% तक का भारी टैरिफ लगाने की बात कही।ट्रंप ने तो सोशल मीडिया पर भी भारत को लेकर एक तीखा बयान दिया। उन्होंने लिखा, “ऐसा लगता है कि हमने भारत और रूस को चीन की तरफ जाने दिया। उम्मीद है कि वे साथ मिलकर एक लंबा और समृद्ध भविष्य बिताएं।” इसके साथ ही उन्होंने मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की एक पुरानी तस्वीर भी शेयर की। इस पोस्ट ने दुनिया भर का ध्यान खींचा, क्योंकि हाल ही में चीन में हुई शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में मोदी, पुतिन और शी की आपस में गर्मजोशी से भरी तस्वीरें काफी चर्चा में रही थीं।

अमेरिका की टीम भी भारत के फैसले से नाखुश-सिर्फ ट्रंप ही नहीं, उनकी टीम के कई बड़े अधिकारी भी भारत के रूस से तेल खरीदने के फैसले पर नाराजगी जता चुके हैं। ट्रंप प्रशासन के सीनियर काउंसलर फॉर ट्रेड एंड मैन्युफैक्चरिंग, पीटर नवारो ने कहा कि भारत के ऊंचे टैरिफ अमेरिका में नौकरियों के लिए नुकसानदायक हैं। उन्होंने X (ट्विटर) पर लिखा कि भारत रूस से तेल खरीदकर सीधे-सीधे रूस की जंग को आर्थिक मदद दे रहा है। इससे रूस-यूक्रेन युद्ध लंबा खिंच रहा है और इसका सारा बोझ अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर पड़ रहा है।वहीं, नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के डायरेक्टर केविन हैसेट ने कहा कि ट्रंप और उनकी ट्रेड टीम भारत के इस फैसले से बहुत निराश हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मामला बातचीत से जल्द ही सुलझ जाएगा। यह बयान साफ दिखाता है कि अमेरिका चाहता है कि भारत रूस से दूरी बनाए, लेकिन साथ ही रिश्तों की डोर भी पूरी तरह से न टूटे।

 रिश्तों में उतार-चढ़ाव, पर भविष्य की उम्मीद बाकी-हालांकि, इतनी सारी नाराज़गी और कड़े बयानों के बावजूद, ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि मोदी के साथ उनका रिश्ता बहुत मजबूत है। उन्होंने कहा कि भले ही मौजूदा हालात थोड़े मुश्किल हों, लेकिन दोनों देशों के बीच इतना गहरा रिश्ता है कि इसे कभी भी खतरे में नहीं डाला जा सकता। “मैं मोदी के साथ हमेशा दोस्त रहूंगा,” यह बात ट्रंप ने बार-बार दोहराई।दरअसल, भारत और अमेरिका के रिश्ते अक्सर ऐसे उतार-चढ़ाव से गुजरते रहे हैं। कभी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत होती है, तो कभी व्यापार या विदेश नीति को लेकर मतभेद सामने आ जाते हैं। इस बार भी हालात कुछ ऐसे ही लग रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या अमेरिका का दबाव भारत की रूस नीति को बदल पाएगा, या फिर भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर ही कायम रहेगा।

Join Us
Back to top button
12 हजार से भी कम, 8GB रैम और 5G सपोर्ट के साथ 25,000 में ट्रेन से 7 ज्योतिर्लिंग यात्रा, जानें पूरा पैकेज और किराया IRCTC Bharat Gaurav चलेगी 10 पैसे प्रति किलोमीटर e-Luna Prime,सस्ती इलेक्ट्रिक बाइक iPhone से Pixel तक स्मार्टफोन पर बेस्ट डील्स, आज आखिरी मौका