
उत्तराखंड में भारी बारिश से तबाही: सड़कें टूटीं, घर- दुकानें ढहीं, राहत-बचाव जारी
देहरादून-मसूरी में बारिश का कहर: सड़कें टूटीं, घरों को नुकसान, कई लापता!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश ने मचाई तबाही-सोमवार की रात से हो रही लगातार भारी बारिश ने उत्तराखंड के कई इलाकों में हाहाकार मचा दिया है। खासकर देहरादून और मसूरी जैसे खूबसूरत शहरों में इसका बुरा असर देखने को मिल रहा है। देहरादून के सहस्रधारा और मालदेवता जैसे इलाकों में तो हालात बहुत खराब हैं। कई सड़कें बुरी तरह टूट गई हैं, जिससे आवागमन में भारी दिक्कतें आ रही हैं। इतना ही नहीं, कई लोगों के घर और दुकानें भी इस बारिश की भेंट चढ़ गए हैं, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ है। मसूरी से भी नुकसान की खबरें आ रही हैं, जो चिंताजनक है। सबसे दुखद बात यह है कि देहरादून से 2 से 3 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि मसूरी में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जिसकी जानकारी प्रशासन जुटा रहा है। बारिश का पानी इतना तेज था कि एक पुल भी बह गया, जिससे लोगों का आना-जाना पूरी तरह से बंद हो गया है।
राहत और बचाव कार्य जारी, प्रशासन की सक्रियता-इस मुश्किल घड़ी में, सरकार और प्रशासन पूरी तरह से लोगों की मदद के लिए जुटे हुए हैं। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम तेजी से चल रहा है। SDRF और पुलिस की टीमें लगातार मौके पर मौजूद रहकर लोगों की मदद कर रही हैं। अब तक करीब 300 से 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। जिन जगहों पर पानी भर गया है या मलबा आ गया है, वहां से लोगों को निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जब तक बहुत ज़रूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें, क्योंकि हालात और बिगड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री धामी का आश्वासन और लोगों से अपील-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि देहरादून के सहस्रधारा में देर रात बारिश से कुछ दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन, SDRF और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य में लगी हुई हैं। मुख्यमंत्री लगातार स्थानीय अधिकारियों से संपर्क में हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने सभी लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की है और लोगों से अपील की है कि इस मुश्किल समय में धैर्य और सावधानी बरतें।
बढ़ता खतरा: मौसम का मिजाज और भविष्य की चिंता-उत्तराखंड, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, हर साल मानसून में भारी बारिश और भूस्खलन का सामना करता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल रहा है, जिसने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। जिन लोगों के घर और रोज़गार इस बारिश की वजह से तबाह हुए हैं, उनके लिए यह वक्त बेहद कठिन है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से पहाड़ी इलाकों में मौसम बदल रहा है और जलवायु परिवर्तन का असर दिख रहा है, उससे आने वाले समय में ऐसी आपदाओं का खतरा और बढ़ सकता है। यह चिंता का विषय है जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

