
“मारुति सुजुकी का वैश्विक धमाका: 4 लाख कारों का निर्यात लक्ष्य और eVITARA से ‘Make in India’ की चमक”
मारुति सुजुकी: निर्यात में धूम, 4 लाख यूनिट्स का लक्ष्य!-मारुति सुजुकी इंडिया इस वित्तीय वर्ष में निर्यात के मामले में कमाल करने की तैयारी में है! कंपनी का लक्ष्य 4 लाख से ज़्यादा गाड़ियों का निर्यात करना है, और ऐसा लग रहा है कि वे इस लक्ष्य को आसानी से पार कर लेंगे। अप्रैल से सितंबर के बीच, कंपनी ने पहले ही 2 लाख से ज़्यादा गाड़ियों का निर्यात कर दिया है। यह वाकई में एक शानदार शुरुआत है!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!निर्यात में उछाल: आंकड़े क्या कहते हैं?-मारुति सुजुकी के एक वरिष्ठ अधिकारी, राहुल भारती के अनुसार, सितंबर में निर्यात में 52% की ज़बरदस्त वृद्धि हुई। पिछले साल सितंबर में 27,728 यूनिट्स के मुकाबले इस साल 42,204 यूनिट्स का निर्यात किया गया। पहले तीन महीनों में लगभग 1.10 लाख यूनिट्स का निर्यात हुआ, और अप्रैल-सितंबर की पहली छमाही में यह आंकड़ा 2.07 लाख यूनिट्स तक पहुँच गया। इससे साफ है कि 4 लाख यूनिट्स का लक्ष्य अब बस कुछ ही दूर है। राहुल भारती ने यह भी बताया कि मारुति सुजुकी का निर्यात, देश में किसी भी अन्य कंपनी के निर्यात से दोगुना है। यह दिखाता है कि मारुति सुजुकी निर्यात के मामले में कितनी आगे है।
घरेलू बाजार की तरह, विदेशी बाजार में भी जलवा!-जिस तरह मारुति सुजुकी ने भारत में अपनी पकड़ बनाई है, उसी तरह अब वह विदेशी बाजारों में भी छा रही है। राहुल भारती ने बताया कि बाजार में 18 प्रमुख खिलाड़ी हैं, लेकिन मारुति सुजुकी का निर्यात किसी भी अन्य कंपनी से दोगुना है। पिछले चार सालों में निर्यात में बड़ा बदलाव आया है। चार साल पहले, कंपनी सालाना लगभग 1 लाख यूनिट्स का निर्यात करती थी, जबकि अब सिर्फ एक तिमाही में ही 1 लाख से ज़्यादा यूनिट्स विदेशों में भेजी जा रही हैं। FY 2020-21 में कुल निर्यात 96,139 यूनिट्स था। यह वृद्धि दिखाती है कि मारुति सुजुकी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपनी पहचान बना रही है।
इलेक्ट्रिक कार eVITARA: ‘मेक इन इंडिया’ का दम!-मारुति सुजुकी ने अपनी इलेक्ट्रिक कार eVITARA का भी निर्यात शुरू कर दिया है। अगस्त और सितंबर में कुल 6,068 यूनिट्स का निर्यात हुआ। राहुल भारती ने इसे ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता और भारत की वैश्विक छवि के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना है कि यह निर्यात न केवल कंपनी के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है।उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements) ने विदेशी बाजारों में निर्यात को बढ़ावा देने में मदद की है। इससे भारतीय गाड़ियों की मांग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है, और मारुति सुजुकी के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।
सबसे ज़्यादा बिकने वाले मॉडल और प्रमुख बाजार-अप्रैल-सितंबर के दौरान, मारुति के सब-4 मीटर मॉडल, जैसे फ्रॉन्क्स, जिम्नी, स्विफ्ट, बलेनो और डिज़ायर, सबसे ज़्यादा निर्यात किए गए। ये गाड़ियाँ विदेशी बाजारों में बहुत लोकप्रिय हैं और ग्राहकों की पहली पसंद बन रही हैं।कंपनी के लिए दक्षिण अफ्रीका, जापान, सऊदी अरब, चिली और कोलंबिया सबसे बड़े निर्यात बाजार रहे। इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि भारतीय कार निर्माता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपने उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता से प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।यह सचमुच मारुति सुजुकी के लिए एक शानदार समय है! कंपनी निर्यात में लगातार आगे बढ़ रही है, और यह भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक बहुत अच्छी खबर है।

