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Reasons Gold-Silver rate Hike: लगातार दूसरे महंगा हुआ 10g सोने का भाव, 1kg चांदी ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

बिजनेस डेस्कः सोने-चांदी की कीमतों में 23 दिसंबर को लगातार दूसरे दिन जबरदस्त तेजी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव 1551 रुपए उछल कर 1,38,295 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। जबकि चांदी की कीमत में 3077 रुपए की तेजी दर्ज की गई है, ये 2,15,949 रुपए प्रति किलो ग्राम पर है।

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सोने ने आज 1,38,295 रुपए का हाई लेवल टच किया, इसका लो लेवल 1,37,826 रुपए था। चांदी का हाई लेवल 2,16,596 रुपए रहा और लो लेवल 2,14,498 रुपए था।

                     चांदी में तेजी के 3 प्रमुख कारण

1. इंडस्ट्रियल डिमांड में विस्फोट

सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। अब चांदी सिर्फ ज्वेलरी मेटल नहीं रही, बल्कि एक अहम इंडस्ट्रियल रॉ-मटेरियल बन चुकी है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।

2. ट्रंप टैरिफ का डर और सप्लाई संकट

अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता के चलते कंपनियां पहले से चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं। इससे ग्लोबल सप्लाई पर दबाव बढ़ा है और कीमतों को तेज सपोर्ट मिला है।

3. मैन्युफैक्चरर्स की एडवांस खरीदारी

प्रोडक्शन में रुकावट के डर से मैन्युफैक्चरर्स भविष्य की जरूरतों के लिए पहले ही खरीदारी कर रहे हैं। इसी वजह से बाजार में मांग बनी हुई है और आने वाले महीनों में भी चांदी में तेजी के संकेत मिल रहे हैं।

क्यों उछला सोना?

1. ब्याज दरों में कटौती और कमजोर डॉलर

2025 में अमेरिकी महंगाई 3% से नीचे आ गई, जिसके बाद फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कटौती शुरू की। इससे रियल यील्ड घटी और गोल्ड जैसे नॉन-इंटरेस्ट एसेट्स ज्यादा आकर्षक बन गए। कमजोर डॉलर ने भी सोने को सपोर्ट दिया।

2. सेंट्रल बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी

चीन, रूस, मिडिल ईस्ट और एशियाई देशों के सेंट्रल बैंकों ने डॉलर रिजर्व से दूरी बनाते हुए रिकॉर्ड मात्रा में सोना खरीदा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, 2025 में ऑफिशियल सेक्टर की खरीदारी ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए।

3. जियोपॉलिटिकल और ट्रेड अनिश्चितता

US-चीन ट्रेड टकराव, रूस-यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट तनाव और नए टैरिफ्स जैसी अनिश्चितताओं ने सेफ-हेवन डिमांड को और मजबूत किया।

4. निवेश मांग में उछाल

ETFs, Sovereign Gold Bonds और फिजिकल गोल्ड में लगातार इनफ्लो देखने को मिला। कई बड़े फंड्स ने इक्विटी बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए गोल्ड को हेज के तौर पर पोर्टफोलियो में बढ़ाया।

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