
मकर संक्रांति पर बाबा महाकाल को तिल के लड्डू और गजक का लगा भोग, हजारों श्रद्धालुओं ने मां शिप्रा में लगाई आस्था की डुबकी
उज्जैन : मकर संक्रांति के पावन पर्व पर उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के भस्म आरती में भगवान महाकाल को तिल से बने व्यंजनों—तिल के लड्डू, गजक और पपड़ी का विशेष भोग अर्पित किया गया।
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सुबह ब्रह्म मुहूर्त में गर्भगृह के पट खोले गए। परंपरागत विधि-विधान के अनुसार पुजारियों द्वारा भगवान महाकाल का श्रृंगार उतारकर पंचामृत पूजन किया गया। इसके पश्चात कर्पूर आरती संपन्न हुई। भगवान महाकाल को भांग, चंदन, सिंदूर और आभूषणों से गणेश स्वरूप में आकर्षक श्रृंगार किया गया। नंदी हॉल में नंदी महाराज का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया।

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मंदिर में भक्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। पर्व के कारण महाकाल मंदिर में उत्साह दोगुना नजर आया। वहीं महापर्व के अवसर पर उज्जैन नगरी में स्थित मां शिप्रा नदी के तट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रातःकाल से ही रामघाट सहित विभिन्न घाटों पर हजारों श्रद्धालु मां शिप्रा में स्नान करने पहुंचे।
मकर संक्रांति का उत्सव पूरे शहर में देखने को मिला। शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट की गई और तिल से बने व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। धार्मिक आस्था और परंपराओं के साथ उज्जैन में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।

