
राजिंदर गुप्ता: AAP का नया दांव, राज्यसभा की कुर्सी पर नज़र!-चंडीगढ़ से एक बड़ी खबर आ रही है! आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब से राज्यसभा उपचुनाव के लिए उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाया है। यह सीट AAP के नेता संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। अरोड़ा अब पंजाब विधानसभा में हैं, जिसके कारण उपचुनाव **24 अक्टूबर** को होगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद, क्या है AAP की रणनीति?-संजीव अरोड़ा, जो अब पंजाब सरकार में मंत्री हैं, ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल **9 अप्रैल 2028** तक था, लेकिन विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया। अब AAP ने राजिंदर गुप्ता को उम्मीदवार बनाकर इस सीट को फिर से अपने पास रखने की कोशिश की है। यह एक रणनीतिक कदम है, क्योंकि पार्टी पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहती है।
केजरीवाल ने खुद की उम्मीदवारी की अटकलों पर क्या कहा?-कुछ समय पहले, यह चर्चा थी कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल खुद पंजाब से राज्यसभा जा सकते हैं। लेकिन जून में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इन अटकलों पर विराम लगा दिया। उन्होंने मज़ाकिया लहजे में कहा, “मुझे कई बार राज्यसभा भेजा जा चुका है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार का चयन पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी। इससे साफ है कि AAP एक मजबूत और अनुभवी उम्मीदवार की तलाश में थी।
राजिंदर गुप्ता: उद्योग से राजनीति तक का सफर-राजिंदर गुप्ता, जो ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन हैं, पंजाब के उद्योग जगत में एक जाना-माना नाम हैं। हाल ही में उन्होंने पंजाब आर्थिक नीति और योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष और काली देवी मंदिर सलाहकार समिति के चेयरमैन के पद से इस्तीफा दिया था। तभी से यह चर्चा थी कि AAP उन्हें राजनीति में एक बड़ा मौका देने वाली है। यह दिखाता है कि AAP उद्योग जगत के दिग्गजों को भी साथ लेकर चलने की कोशिश कर रही है।
AAP की जीत लगभग तय, क्या है इसके मायने?-पंजाब विधानसभा में AAP के पास बहुमत है, इसलिए राजिंदर गुप्ता की जीत लगभग तय मानी जा रही है। यह कदम न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि AAP पंजाब में उद्योगपतियों और व्यापारिक वर्ग को भी जोड़ने की कोशिश कर रही है। यह दिखाता है कि AAP भविष्य के लिए एक मजबूत रणनीति बना रही है।

