
बलरामपुर। जमीन फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में पुलिस ने अंश बिल्डर्स के संचालक पंकज सिंह उर्फ जगदीश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सरगुजा रेंज के कई थानों में वांछित यह आरोपी बहुत समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। आखिरकार राजपुर पुलिस की टीम ने उसे उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक खास रणनीति अपनाकर गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के द्वारा सोमवार बीते शाम जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 26 अप्रैल 2024 को अम्बिकापुर की रहने वाली आभा सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपित पंकज सिंह ने ग्राम बदौली की 6 प्लॉटों की जमीन का रजिस्ट्री उनके नाम पर कराई थी। लेकिन बाद में आरोपी ने धोखाधड़ी करते हुए वही जमीन फिर से बाबूलाल यादव को 4,90,000 रुपये में बेच दी और उसके नाम पर रजिस्ट्री एग्रीमेंट निष्पादित कर दिया। इस मामले में जांच के दौरान धारा 420 (धोखाधड़ी) समेत अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। शिकायत के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। आईजी सरगुजा रेंज अंकित गर्ग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए थे कि आरोपित को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। बलरामपुर एसपी वैभव बेंकर के नेतृत्व में एडिशनल एसपी विश्वदीपक त्रिपाठी और एसडीओपी इंग्मानुएल लकड़ा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कुमार चंदन सिंह की अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की गई।
भेष बदलकर घूमता था आरोपित
पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर आरोपित की लोकेशन ट्रैक की। जांच में पता चला कि पंकज सिंह उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के धनियामउ गांव में छिपा हुआ है और पहचान छुपाने के लिए भैंस चराने का भेष बना रखा है। पुलिस टीम ने रणनीति के तहत अपने जवानों को अलग-अलग भेष में चौक-चौराहों पर तैनात कर दिया और 48 घंटे की रेकी के बाद आरोपित को घेरकर दबोच लिया। पूछताछ में आरोपित ने कबूल किया कि उसने राजधन यादव के साथ मिलकर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री की थी। राजधन यादव को भी तलब कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने भी अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर सोमवार को न्यायालय में पेश कर दिया है। जांच में सामने आया है कि पंकज सिंह पर सरगुजा रेंज के कई थानों में स्थायी वारंट लंबित हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
