
उत्तराखंड में हवाई सेवाओं को मिलेगी नई उड़ान: मुख्यमंत्री धामी और केंद्र सरकार की बड़ी पहल
उत्तराखंड में हवाई सफ़र: अब और भी आसान और शानदार!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!देहरादून से दिल्ली तक, उड़ानें होंगी और भी बेहतर!-
हमारे मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात की। इस खास बातचीत में, उन्होंने उत्तराखंड में हवाई सेवाओं को और भी सुगम बनाने पर जोर दिया। मकसद साफ है – प्रदेश में हवाई संपर्क को मजबूत करना, एविएशन सेक्टर को आगे बढ़ाना और सबसे बढ़कर, हमारे प्यारे उत्तराखंड में पर्यटन को एक नई उड़ान देना। मुख्यमंत्री जी ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार जताया और कहा कि यह कदम हमारे राज्य की आर्थिक तरक्की और पर्यटन के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
स्थानीय उत्पादों की धूम, अब हवाई अड्डों पर भी!-मुख्यमंत्री जी ने “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के तहत हवाई अड्डों पर लगाए गए कियोस्क की खूब तारीफ की। उन्होंने बताया कि इस शानदार पहल से हमारे प्रदेश के खास स्थानीय उत्पाद, जैसे कि हस्तशिल्प और जैविक उत्पाद, अब सिर्फ राज्य में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। जब यात्री एयरपोर्ट पर इन चीजों को देखते हैं, तो उन्हें उत्तराखंड की असली झलक मिलती है। इससे हमारे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को बड़ा फायदा हो रहा है, साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुल रहे हैं।
चारधाम यात्रा: हेलीकॉप्टर सेवा फिर से शुरू होगी!-एक और अच्छी खबर यह है कि मानसून के खत्म होते ही, हमारी सरकार चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं फिर से शुरू करने जा रही है। यह उन यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो बुजुर्ग हैं, दिव्यांग हैं या जिन्हें यात्रा में थोड़ी कठिनाई होती है। मुख्यमंत्री जी ने बताया कि इससे सड़कों पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को यात्रा के दौरान ज्यादा आराम और सुरक्षा मिलेगी। यह कदम हमारी धार्मिक पर्यटन को और भी सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
पहाड़ी जिलों के लिए हवाई संपर्क: एक बड़ी ज़रूरत!-जैसा कि आप जानते हैं, उत्तराखंड का 70% से ज़्यादा इलाका घने जंगलों से घिरा है, और हमारे पहाड़ी जिलों में सड़कों से यात्रा करना हमेशा आसान नहीं होता। मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर जोर दिया कि हवाई संपर्क सिर्फ यात्रा या पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि आपदा के समय में भी बहुत ज़रूरी है। उन्होंने गौचर (चमोली) और चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी) में छोटे विमानों के लिए हवाई पट्टियों को विकसित करने का सुझाव दिया और उन्हें दिल्ली, देहरादून और हिंडन से जोड़ने की मांग की।
जोलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट का होगा कायाकल्प!-मुख्यमंत्री ने जोलीग्रांट एयरपोर्ट पर रात में भी उड़ानें शुरू करने का अनुरोध किया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्री इसका लाभ उठा सकें। इसके साथ ही, उन्होंने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अपनी ओर से जरूरी काम लगभग पूरे कर लिए हैं और अब भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण से आग्रह किया है कि वे जल्द से जल्द बाकी काम शुरू करें। इन सुधारों से हमारे राज्य में हवाई सेवाओं का स्तर और भी ऊंचा होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
पिथौरागढ़ के लिए सीधी उड़ान की मांग!-मुख्यमंत्री धामी ने दिल्ली से पिथौरागढ़ के लिए एक नियमित हवाई सेवा शुरू करने की भी मांग रखी। उनका कहना है कि यह सेवा न केवल पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि सामरिक और मानवीय दृष्टिकोण से भी बहुत अहम है। पिथौरागढ़ की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, यहाँ सीधी हवाई सेवा राज्य के लिए रणनीतिक रूप से भी फायदेमंद साबित होगी। इससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की आवाजाही और आसान हो जाएगी।
केंद्र का सकारात्मक भरोसा: बदलाव की ओर उत्तराखंड!-अंत में, मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से इन सभी प्रस्तावों पर तुरंत ध्यान देने का अनुरोध किया। मंत्री जी ने उन्हें पूरा भरोसा दिलाया है कि सभी सुझावों पर सकारात्मक रूप से काम किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में उत्तराखंड को हवाई सेवाओं के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। यह न केवल हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि पर्यटन को भी एक नई दिशा और ऊंचाई देगा।

