
भारत की सड़कों पर फिर दौड़ेगी कारों की बहार! मारुति सुजुकी को उम्मीद, GST कटौती से चमकेगा ऑटो बाज़ार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!घरेलू कार बाज़ार में फिर से रफ़्तार पकड़ने की उम्मीद-क्या आप भी नई कार खरीदने का सोच रहे हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं! भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी, मारुति सुजुकी इंडिया, को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष से घरेलू पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में फिर से जान आ जाएगी। कंपनी का मानना है कि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) की दरों में हुई कटौती ऑटो सेक्टर के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है। इससे न केवल ऑटो सेक्टर को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि ग्रोथ रेट भी एक बार फिर से मजबूत स्तर पर लौट सकती है। मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग और सेल्स), पार्थो बनर्जी, का कहना है कि 2026-27 तक भारतीय ऑटो इंडस्ट्री की ग्रोथ दर, जो पिछले कुछ समय से लगभग 7% पर अटकी हुई थी, अब उसी पुराने जोश के साथ दोबारा रफ्तार पकड़ सकती है। जीएसटी में हुई कमी का सीधा असर बिक्री पर पड़ेगा और ग्राहकों का रुझान कार खरीदने की ओर बढ़ेगा।
छोटे कार सेगमेंट में 10% की ज़बरदस्त ग्रोथ की संभावना-सिर्फ़ बड़ी कारें ही नहीं, बल्कि छोटे कार सेगमेंट में भी बिक्री की रफ़्तार तेज़ होने की पूरी उम्मीद है। पार्थो बनर्जी के अनुसार, इस कैटेगरी में लगभग 10% तक की ग्रोथ देखी जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि जो लोग अभी तक दोपहिया वाहनों पर चल रहे हैं, वे अब कार की ओर रुख करेंगे। इससे छोटे कारों की मांग और भी बढ़ेगी, जिससे यह सेगमेंट और भी ज़्यादा आकर्षक बन जाएगा। यह बदलाव उन लोगों के लिए बहुत अच्छा है जो अपनी पहली कार खरीदना चाहते हैं या फिर एक छोटी, किफायती कार की तलाश में हैं। यह मारुति सुजुकी के लिए एक बड़ा अवसर है।
टैक्स में राहत और सस्ती EMI: कार खरीदना हुआ और भी आसान!-सरकार के कुछ फैसलों ने कार खरीदना पहले से कहीं ज़्यादा आसान बना दिया है। 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स में राहत, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में की गई कटौती, और कार लोन पर मिलने वाली सस्ती EMI, ये सभी मिलकर ग्राहकों के लिए कार खरीदना बेहद सुलभ बना रहे हैं। जीएसटी दरों में हुई कमी से तो छोटी कारों की कीमतें और भी किफायती हो जाएंगी। सोचिए, अब लाखों लोग अपने सपनों की कार खरीदने का सपना पूरा कर पाएंगे। यह सब मिलकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक नई जान फूंक देगा और ग्राहकों को सीधा फायदा पहुंचाएगा।
क्यों धीमी थी पिछले सालों में बिक्री? समझें कारण-बीते कुछ सालों में घरेलू पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में थोड़ी नरमी देखी गई थी, खासकर छोटे कार सेगमेंट में। इसके पीछे मुख्य कारण ग्राहकों की खरीद क्षमता में आई कमी और कार लोन की महंगी EMI थी। इस वित्त वर्ष के अप्रैल से अगस्त तक, लगभग 17.05 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 17.31 लाख यूनिट्स था। यानी बिक्री में थोड़ी गिरावट आई थी। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं और जीएसटी कटौती के बाद स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
GST कटौती का असर: पूछताछ में 15% की बढ़ोतरी!-जीएसटी दरों में कटौती का असर दिखने लगा है! पार्थो बनर्जी ने बताया कि जीएसटी कटौती के बाद से कार खरीदने के लिए ग्राहकों की पूछताछ में लगभग 15% की बढ़ोतरी हुई है। सबसे खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी श्राद्ध जैसे ‘अनअस्पिशियस पीरियड’ यानी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ न माने जाने वाले समय में भी देखने को मिली है। इससे यह साफ हो जाता है कि बाज़ार में ग्राहकों का भरोसा एक बार फिर से लौट रहा है और वे खरीदारी के लिए उत्साहित हैं। यह ऑटो सेक्टर के लिए एक बहुत ही सकारात्मक संकेत है।
ग्राहकों को मिलेगा सीधा फायदा: अब कार खरीदना होगा और भी सस्ता!-मारुति सुजुकी ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि जीएसटी कटौती से जो भी बचत होगी, उसका पूरा फायदा सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले महीनों में जो भी लोग कार खरीदेंगे, उन्हें बेहतर दाम और सस्ती EMI के विकल्प मिलेंगे। इससे न केवल मारुति सुजुकी की बिक्री को एक नई गति मिलेगी, बल्कि पूरे ऑटो सेक्टर में एक नई ऊर्जा का संचार होगा। यह ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन मौका है कि वे अपनी पसंद की कार खरीद सकें और अच्छी डील का लाभ उठा सकें।

