
BCCI को RTI से राहत, खेल मंत्रालय ने बदला स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल – जानें क्या हैं बड़े बदलाव
खेलों में बड़ा बदलाव: क्या है नया नियम और इसका असर?-भारतीय खेल जगत में हाल ही में कुछ बड़े बदलाव हुए हैं जिनसे खेलों के प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी। ये बदलाव खेल मंत्रालय द्वारा लाए गए नए नियमों से जुड़े हैं। आइये समझते हैं कि क्या बदला है और इसका असर क्या होगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!RTI का दायरा बदला-पहले, सभी खेल संगठनों को सूचना का अधिकार (RTI) कानून के दायरे में लाने की बात थी। लेकिन, अब नए नियमों के बाद केवल वही संगठन RTI के दायरे में आएंगे जो सरकारी मदद या पैसा लेते हैं। इससे बड़े संगठन जैसे बीसीसीआई को कुछ राहत मिली है क्योंकि वे सरकारी पैसों पर निर्भर नहीं हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि वे पूरी तरह से जवाबदेही से मुक्त हैं।
सरकारी मदद का मतलब सिर्फ पैसा नहीं-नए नियमों में यह भी साफ किया गया है कि सरकारी मदद का मतलब सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल भी है। अगर कोई खेल संगठन सरकारी स्टेडियम या अन्य सुविधाओं का उपयोग करता है, तो उसे भी RTI के तहत जानकारी देनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जनता के पैसे और संसाधनों का सही इस्तेमाल हो रहा है।
बीसीसीआई पर क्या असर?-2028 ओलंपिक में क्रिकेट के शामिल होने के बाद, बीसीसीआई को अब एक राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में पंजीकरण कराना होगा। यह एक नई प्रक्रिया है और इससे बीसीसीआई को केंद्रीय खेल बोर्ड से मान्यता लेनी होगी। हालांकि, फिलहाल बीसीसीआई RTI से मुक्त है, लेकिन अगर भविष्य में उसे सरकारी सहायता लेनी पड़ी तो वह RTI के दायरे में आ जाएगा।
नए बोर्ड और ट्रिब्यूनल की भूमिका-नए नियमों के साथ एक राष्ट्रीय खेल बोर्ड भी बनाया जाएगा जो खेल संगठनों की निगरानी करेगा। यह बोर्ड संगठनों की मान्यता रद्द भी कर सकता है अगर वे वित्तीय अनियमितता करते हैं या चुनाव नहीं कराते हैं। साथ ही, एक राष्ट्रीय खेल ट्रिब्यूनल भी बनाया जाएगा जो खिलाड़ियों और संगठनों के विवादों को सुलझाएगा। इस ट्रिब्यूनल के फैसले केवल सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दिए जा सकेंगे।
उम्र सीमा में बदलाव और ओलंपिक की तैयारी-खेल प्रशासकों की उम्र सीमा में भी बदलाव किया गया है। अब 75 साल तक के लोग चुनाव लड़ सकते हैं (अगर अंतरराष्ट्रीय नियमों में अनुमति हो)। यह बदलाव 2036 ओलंपिक के लिए भारत की तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार खेल प्रशासन में सुधार करके भारत की वैश्विक स्तर पर स्थिति को मजबूत करना चाहती है।

