
ऑफिस में घंटों बैठकर करते हैं काम तो हो जाएं सावधान! बढ़ सकता है सर्वाइकल दर्द, जानें बचने के आसान उपाय
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हमारी कई आदतें बदल गई हैं. घंटों तक ऑफिस में बैठकर काम करना, लगातार मोबाइल चलाना और कम चलना-फिरना आम हो गया है. इन बदलती आदतों का असर हमारी सेहत पर भी पड़ रहा है. इन्हीं में से एक समस्या है गर्दन का दर्द, जिसे आम भाषा में लोग सर्वाइकल कहते हैं. पहले यह समस्या ज्यादा उम्र के लोगों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इससे परेशान हो रहे हैं.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या है सर्वाइकल की समस्या-
कई लोग घंटों लैपटॉप पर काम करते हैं या गर्दन झुकाकर मोबाइल देखते रहते हैं. धीरे-धीरे यह आदत गर्दन की मांसपेशियों और हड्डियों पर दबाव डालने लगती है. शुरुआत में हल्का दर्द और थकान महसूस होती है, लेकिन ध्यान न देने पर यह परेशानी बढ़ सकती है. दरअसल, हमारी गर्दन के अंदर रीढ़ की हड्डी का एक हिस्सा होता है, जिसे सर्वाइकल स्पाइन कहा जाता है. यह हिस्सा गर्दन को सहारा देता है और उसे आसानी से घुमाने में मदद करता है. गर्दन की इस रीढ़ में सात छोटी-छोटी हड्डियां होती हैं. इन हड्डियों के बीच डिस्क होती हैं, जो झटकों को सहने और गर्दन को आसानी से घुमाने में मदद करती हैं. जब इन हड्डियों, डिस्क या नसों पर ज्यादा दबाव पड़ने लगता है तो गर्दन में दर्द, खिंचाव और अकड़न महसूस होती है. इसी समस्या को सर्वाइकल कहा जाता है. कई बार इसका दर्द गर्दन से आगे बढ़कर कंधे, हाथ और उंगलियों तक भी पहुंच जाता है.
क्यों होती है सर्वाइकल की समस्या-
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, गलत तरीके से बैठना सर्वाइकल की सबसे बड़ी वजहों में से एक है. आज बड़ी संख्या में लोग कंप्यूटर और लैपटॉप पर काम करते हैं. अगर काम करते समय गर्दन आगे की ओर झुकी रहती है तो गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है. मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल भी इसकी एक बड़ी वजह बन चुका है. जब हम लंबे समय तक गर्दन नीचे करके फोन देखते हैं तो गर्दन पर शरीर के वजन से कई गुना ज्यादा दबाव पड़ सकता है. इस आदत को लंबे समय तक जारी रखने से गर्दन में दर्द और अकड़न की समस्या बढ़ सकती है. इसके अलावा घंटों एक ही जगह बैठे रहना, गलत तरीके से सोना, ऊंचा तकिया इस्तेमाल करना, अचानक भारी सामान उठाना या गर्दन पर चोट लगना भी सर्वाइकल की परेशानी का कारण बन सकता है.
सर्वाइकल के लक्षण-
सर्वाइकल की शुरुआत अक्सर गर्दन में हल्के दर्द और जकड़न से होती है. कई लोगों को सुबह उठने के बाद गर्दन घुमाने में परेशानी होती है. कुछ लोगों को कंधे में दर्द, सिर में भारीपन या हाथों में झनझनाहट महसूस हो सकती है. अगर दर्द लगातार बना रहता है या हाथों में कमजोरी महसूस होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है.
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सर्वाइकल से बचने के उपाय-
सर्वाइकल से बचने के लिए रोजमर्रा की आदतों में थोड़ा बदलाव करना जरूरी है. काम करते समय कुर्सी पर सही तरीके से बैठें और कंप्यूटर स्क्रीन को आंखों के सामने रखें. लंबे समय तक एक ही जगह न बैठें, बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलें और गर्दन को आराम दें. मोबाइल चलाते समय गर्दन को ज्यादा देर तक नीचे न झुकाएं. नियमित हल्की एक्सरसाइज करें और सोते समय ऐसा तकिया इस्तेमाल करें, जिससे गर्दन आरामदायक स्थिति में रहे.

