
बाढ़ का कहर, शिक्षा बोर्ड का बड़ा फैसला: अब इन तारीखों तक होंगे दाखिले और रजिस्ट्रेशन!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जब प्रकृति का प्रकोप, शिक्षा पर न पड़े असर-पंजाब में आई भयानक बाढ़ ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। चारों तरफ पानी ही पानी, लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ऐसे मुश्किल हालात में बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा, यह चिंता हर माता-पिता को सता रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एक बहुत ही ज़रूरी और राहत भरा फैसला लिया है। बोर्ड ने दाखिले और रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीखें आगे बढ़ा दी हैं, ताकि बाढ़ से परेशान बच्चों की पढ़ाई का सफर रुके नहीं।
नियमित दाखिले की नई उम्मीद: 10 सितंबर तक का मौका-आठवीं से लेकर बारहवीं तक के उन सभी स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है जो अभी तक अपना एडमिशन नहीं ले पाए हैं। पहले दाखिले की आखिरी तारीख 29 अगस्त थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 सितंबर कर दिया गया है। इसका मतलब है कि जिन बच्चों को बाढ़ की वजह से फॉर्म भरने या स्कूल जाने में दिक्कत हुई, वे अब आराम से अपना दाखिला करवा सकते हैं। यह उन छात्रों के लिए बहुत बड़ी राहत है जो बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हुए थे।
रजिस्ट्रेशन और कंटीन्यूएशन की तारीख भी बढ़ी: 19 सितंबर तक मिलेगा समय-सिर्फ दाखिले ही नहीं, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने रजिस्ट्रेशन और कंटीन्यूएशन की तारीखों में भी बदलाव किया है। पहले यह काम 9 सितंबर तक हो जाना था, लेकिन अब स्टूडेंट्स को 19 सितंबर तक का पूरा समय दिया गया है। यह फैसला बच्चों और उनके पेरेंट्स दोनों के लिए बहुत सुकून देने वाला है। अब वे बिना किसी हड़बड़ी के अपना रजिस्ट्रेशन करवा पाएंगे, खासकर उन परिवारों के लिए जिन्होंने बाढ़ में सब कुछ खो दिया है।
सभी स्कूलों के लिए लागू: सरकारी से लेकर प्राइवेट तक-यह नया नियम सिर्फ सरकारी स्कूलों के लिए ही नहीं है, बल्कि पंजाब के हर उस स्कूल पर लागू होगा जो पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से जुड़ा है। चाहे वह एडेड स्कूल हो, एफिलिएटेड हो या एसोसिएटेड, सभी को इन बदली हुई तारीखों का पालन करना होगा। इससे यह सुनिश्चित होता है कि हर बच्चे को, चाहे वह किसी भी तरह के स्कूल में पढ़ता हो, दाखिले और रजिस्ट्रेशन के लिए बराबर मौका मिले और कोई पीछे न रह जाए।
3 सितंबर तक स्कूलों में छुट्टियां: पढ़ाई की तैयारी का अतिरिक्त समय-बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए, पंजाब के शिक्षा विभाग ने 3 सितंबर तक सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया है। इन छुट्टियों से बच्चों को जहां एक तरफ सुरक्षित रहने का मौका मिला है, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपने दाखिले और रजिस्ट्रेशन की तैयारियों के लिए अतिरिक्त समय भी मिल गया है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और उनकी पढ़ाई, दोनों को प्राथमिकता देने का एक अच्छा उदाहरण है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों के चेहरों पर मुस्कान-जब कुदरत का ऐसा कहर बरपता है, तो आम जिंदगी के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था भी हिल जाती है। ऐसे में, तारीखों को आगे बढ़ाना स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे उनकी चिंताएं काफी कम हो गई हैं और अब वे आसानी से अपने बच्चों के एडमिशन और रजिस्ट्रेशन का काम पूरा कर पाएंगे। यह दिखाता है कि बोर्ड बच्चों की पढ़ाई को लेकर कितना गंभीर है।
शिक्षा की निरंतरता: मुश्किलों में भी पढ़ाई जारी रखने का जज्बा-पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड का यह फैसला साफ तौर पर दिखाता है कि चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, बच्चों की पढ़ाई सबसे पहले है। यह कदम यह भी संदेश देता है कि कठिन समय में भी हमें अपनी पढ़ाई को जारी रखना चाहिए और हार नहीं माननी चाहिए। यह बच्चों में शिक्षा के प्रति लगन और आगे बढ़ने का हौसला बनाए रखने में मदद करेगा।

