
क्या आपने कभी सोचा है कि जब आपका मोबाइल फोन बजता है, तो आखिर यह कैसे होता है? कैसे रॉकेट के रफ्तार से मिनटों में हजारों किमी. दूर बैठे इंसान से आप बात कर पाते हैं। साथ ही आज के वक्त में वीडियो कॉल किया जा सकता है। एक देश से हजारों किमी. दूर दूसरे देश में बैठे व्यक्ति से आसान से वीडियो कॉल पर बात की जा सकती है। हालांकि इसके पीछे एक पूरा सिस्टम है। आइए इस सिस्टम को सरल शब्दों में समझते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कॉल कैसे की जाती है?
किसी भी कॉल के पीछे एक पूरा सिस्टम लगा होता है। यह सिस्टम देश और दुनियाभर में फैला है। इस सिस्टम से पूरी दुनिया कनेक्टेड है।
नंबर डायल करना: जब आप किसी को कॉल करते हैं, तो आप उनके मोबाइल नंबर को डायल करते हैं। यह नंबर एक खास संख्याओं का एक समूह होता है जो उस व्यक्ति के मोबाइल फोन को पहचानता है। हर एक देश के मोबाइल नंबर को बाटने के लिए कंट्री कोड दिए जाते हैं, जैसे भारत का कंट्री कोड +91 है, जब आप कोई कॉल करते हैं, तो उसके पहले ऑटोमेटिक तरीके से +91 जुड़ जाता हैं।
जब कॉन्टैंक्ट नंबर डालकर डायल बटन दबाते हैं, तो आपका फोन आपके मोबाइल नेटवर्क जैसे कि Airtel, Jio, Vodafone या फिर BSNL से जुड़ता है और फिर आपका सिम एक सिग्नल आपके एरिया में लगने मोबाइल टॉवर को भेजता है।
