
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन आज गुरुवार को अस्पताल में फायर सेफ्टी का मुद्दा उठा। भाजपा विधायक धरमजीत सिंह ने सवाल पूछा कि राज्य सरकार ने निर्देश जारी किया है कि 9 मीटर से ऊंचे 30 बिस्तर वाले अस्पतालों में फायर सेफ्टी का ऑडिट करना जरूरी है। धरमजीत सिंह ने पूछा कि प्रदेश में कितने ऐसे अस्पताल हैं, जो इस नियम के दायरे में आते हैं।
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जवाब में धरमजीत सिंह और अजय चंद्राकर ने तीखी नाराजगी जतायी। विधायकों ने पूछा कि जब फायर सेफ्टी स्वास्थ्य विभाग का अधिकार नहीं है, तो फिर ऐसे सवाल को स्वास्थ्य विभाग को स्वीकार करना ही नहीं चाहिये था। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 9 मीटर ऊंचा और 30 बिस्तर वाले कई अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के भी है, इसलिए इस सवाल को स्वीकार किया गया है।
इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए अस्पतालों की संख्या बाद में उपलब्ध कराने का निर्देश मंत्री को दिया। जिसके बाद धरमजीत सिंह ने पूछा कि क्या सरकार फायर सेफ्टी का ऑडिट सक्षम अधिकारी से कराया जायेगा? उन्होंने कहा कि बाजार में फायर सेफ्टी का सर्टिफिकेट बिकता है, इसलिए जरूरी है कि सक्षम अधिकारी की निगरानी में पूरी जांच हो और जो भी अस्पताल मापदंड पर खरे ना उतरें उन्हें बंद कर दिया जाये।

