
छत्तीसगढ़
बस्तर में नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार: CM साय
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार कर सुरक्षा और विकास की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध कार्रवाई में बस्तर में शांति, समृद्धि और प्रगति की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बीजापुर जिले के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के दुर्गम जंगल और पहाड़ी इलाकों में राज्य सरकार की विशेष सर्च ऑपरेशन टीम ने सघन अभियान चलाया। इस अभियान में डीआरजी, कोबरा और एसटीएफ के जवानों ने साहसिक और रणनीतिक कार्रवाई करते हुए एक महिला नक्सली सहित कुल चार हार्डकोर माओवादी तत्वों को न्यूट्रलाइज़ किया।
सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई न केवल नक्सलियों के मनोबल को तोड़ने में सफल रही है, बल्कि राज्य सरकार के सुरक्षा अभियान की प्रभावशीलता को भी दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का संदेश सभी नक्सलियों के लिए यही है – हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार न्याय, सुरक्षा और सम्मान के साथ नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विशेषज्ञों के अनुसार, बीजापुर का उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र हमेशा से माओवादी गतिविधियों का गढ़ रहा है। यहां के दुर्गम जंगल और कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण नक्सली आसानी से छिपकर गतिविधियां करते रहे हैं। लेकिन हाल की कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि आधुनिक तकनीक, जमीन पर मजबूत गश्त और कड़ी रणनीति से नक्सली गतिविधियों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
सुरक्षा बलों का कहना है कि इस अभियान के दौरान महिला नक्सली की सक्रिय भागीदारी भी सामने आई। उन्होंने अन्य माओवादी साथियों के साथ इलाके में विरोध और हिंसा को बढ़ावा देने का प्रयास किया था। लेकिन सुरक्षा बलों के तेज और रणनीतिक कदमों के चलते उनका न्यूट्रलाइजेशन किया गया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्थानीय जनता से भी अपील की कि वे सुरक्षा बलों का सहयोग करें और नक्सलियों के जाल में न फंसें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार न केवल सुरक्षा बलों के माध्यम से अपराध और हिंसा को नियंत्रित कर रही है, बल्कि नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है।
इस अभियान के बाद बीजापुर और आसपास के क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा की स्थिति में सुधार देखा जा रहा है। स्थानीय जनता ने भी सुरक्षा बलों की कार्रवाई की सराहना की है और कहा कि अब वे खुले मन से विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं में भाग ले सकते हैं। राज्य सरकार की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ शांति और विकास की नीति प्रभावी रूप से लागू हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोहराया कि हिंसा छोड़ने वाले सभी नक्सली पुनर्वास और विकास के मुख्यधारा में जुड़ सकते हैं, क्योंकि सरकार न्याय, सुरक्षा और सम्मान के साथ उनके पुनर्वास के लिए तैयार है।
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