
पहलगाम कांड: आतंकियों का अंत और देश को मिली राहत-22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। 26 मासूम पर्यटकों की निर्मम हत्या ने हर किसी के दिलों में गहरा सदमा पहुँचाया था। लेकिन, सोमवार को सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए इस कांड के मास्टरमाइंड और उसके साथियों का सफाया कर दिया। ऑपरेशन ‘महादेव’ के तहत चलाई गई इस कार्रवाई ने देश को राहत की सांस लेने का मौका दिया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पाकिस्तान में प्रशिक्षित आतंकियों का खात्मा-इस ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों में हाशिम मूसा उर्फ शाह सुलेमान मुख्य था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह सितंबर 2023 में पाकिस्तान से भारत में घुस आया था और दक्षिण कश्मीर में आतंक का माहौल बना रहा था। पाकिस्तान की स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) से पैरा कमांडो ट्रेनिंग लेने के कारण वह बेहद कुशल और अनुभवी आतंकी था। वह किसी भी तरह के मौसम में खुद को छिपाने और हमलों की योजना बनाने में माहिर था, जिसके कारण सुरक्षा बलों को उसे ढूंढने में काफी समय लगा। इस मुठभेड़ में उसके दो साथी, अबू हमजा और मोहम्मद यासिर भी मारे गए।
20 लाख का इनामी आतंकी और उसके जघन्य अपराध-सुलेमान शाह पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 20 लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था। वह सिर्फ पहलगाम हमले का ही नहीं, बल्कि अक्टूबर 2024 में गांदरबल में सात नागरिकों और बारामूला में चार सुरक्षाकर्मियों की हत्या में भी शामिल था। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने उसके पास से अमेरिकी कार्बाइन, AK-47 राइफल और 17 राइफल ग्रेनेड बरामद किए हैं। यह कार्रवाई सुरक्षा बलों की लगातार मेहनत और खुफिया जानकारी का नतीजा है।
ऑपरेशन महादेव: एक बड़ी कामयाबी और भविष्य की उम्मीदें-ऑपरेशन महादेव सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता है। महीनों की कड़ी मेहनत और खुफिया जानकारी के बाद यह ऑपरेशन सफल हुआ। इस मुठभेड़ ने न सिर्फ पहलगाम हमले के दोषियों का सफाया किया, बल्कि घाटी में सक्रिय कई आतंकवादी नेटवर्क को भी कमजोर किया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे भविष्य में होने वाले बड़े हमलों को रोका जा सकेगा और स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा। यह कार्रवाई देश के लिए एक बड़ी राहत और आशा की किरण है।


