
पैरों की सूजन को न करें नजरअंदाज! यह हो सकता है आपके दिल की बीमारी का शुरुआती लक्षण, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी
सर्दियों के मौसम में दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस समय हार्ट अटैक या दिल का दौरा पड़ने के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। आम तौर पर हार्ट अटैक का संकेत छाती में दर्द होता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पैरों की नसों में समस्या भी इसके लिए इशारा कर सकती है। पैरों की नसों में ब्लॉकेज या खराबी होने पर हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। मेडिकल भाषा में इसे पेरिफरल आर्टरी डिजीज (Peripheral Artery Disease – PAD) कहा जाता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पेरिफरल आर्टरी डिजीज क्या है?
पेरिफरल आर्टरी डिजीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें पैरों की नसों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से सूजन और ब्लॉकेज हो जाता है। नसों में ब्लॉकेज होने पर पैरों तक खून सही तरीके से नहीं पहुँच पाता। यह समस्या केवल पैरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि शरीर की अन्य आर्टरी में भी ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है। इस वजह से दिल की धमनियों में ब्लॉकेज होने और हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ जाता है।
पेरिफरल आर्टरी डिजीज के लक्षण
- सीढ़ी चढ़ने या चलने पर पैरों में दर्द या ऐंठन महसूस होना
- पैरों, टखनों या पंजों में सूजन
- पैरों में ठंडक या सुन्नपन
- पैरों का नीला या हल्का बैंगनी रंग का होना
- पैरों की त्वचा का सूखापन, खुरदुरी त्वचा या नाखून का पीला और मोटा होना
पैरों की नसों और हार्ट अटैक का संबंध
दिल्ली के राजीव गांधी हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉ. अजीत जैन के अनुसार, पेरिफरल आर्टरी डिजीज में पैरों में बने ब्लॉकेज या क्लॉट से हार्ट को भी नुकसान हो सकता है। ऐसे मरीजों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और शारीरिक गतिविधि की कमी इस बीमारी के प्रमुख जोखिम कारक हैं। हालांकि हर मरीज में यह हार्ट को नुकसान नहीं पहुँचाती, लेकिन इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
बचाव के उपाय
- नियमित रूप से एक्सरसाइज और पैदल चलना
- संतुलित आहार का पालन, अधिक फैट, मैदा और रेड मीट से बचें
- तनाव को कम करना और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना
- पैरों में सूजन, दर्द या सुन्नपन जैसे लक्षणों को हल्के में न लेना

