
डॉक्टर केवल पेशेवर नहीं, समाज के रक्षक हैं: CM धामी ने डॉक्टर्स डे पर कही दिल से जुड़ी बातें
मुख्यमंत्री धामी ने किया डॉक्टरों का सम्मान: राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे की सौगात
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!डॉक्टरों के प्रति आभार: राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के डॉक्टरों के समर्पण और सेवा भावना की खूब तारीफ की। उन्होंने सरकारी आवास पर एक खास कार्यक्रम रखा और डॉक्टरों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर सिर्फ इलाज ही नहीं करते, बल्कि मरीज़ों को नई उम्मीद भी देते हैं। यह कार्यक्रम डॉक्टरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक था।
भारतीय संस्कृति में चिकित्सा का महत्व: मुख्यमंत्री ने बताया कि हमारी संस्कृति में विज्ञान और आध्यात्म का बेहतरीन मेल है। आयुर्वेद जैसी चिकित्सा पद्धतियाँ इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। डॉक्टरों की भूमिका सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी है। यह एक ऐसा पेशा है जिसे हमेशा से ही सम्मान की दृष्टि से देखा गया है।
सेवा का संकल्प: मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि डॉक्टर का काम सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का संकल्प है। लोग डॉक्टरों को ‘धरती का भगवान’ मानते हैं, और यह सम्मान उनके काम और व्यवहार पर निर्भर करता है। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से अपील की कि वे अपने व्यवहार और संवेदनशीलता से इस छवि को और मजबूत करें।
आयुष्मान भारत योजना की सफलता: आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 58 लाख से ज़्यादा कार्ड वितरित हो चुके हैं। इस योजना से 11 लाख से ज़्यादा लोगों को 2100 करोड़ रुपये से ज़्यादा की मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है। इससे गरीब और कमज़ोर लोगों को बहुत राहत मिली है।
हर जिले में मेडिकल कॉलेज: सरकार का लक्ष्य हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलना है। पहले से ही पाँच कॉलेज चल रहे हैं, और दो और कॉलेज जल्द ही बनकर तैयार होंगे। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करेगा और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा।
मुफ्त जांच योजना: सरकार ने 207 तरह की पैथोलॉजी जांचें मुफ्त कर दी हैं। इससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को बहुत फायदा हुआ है। सरकार जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी आधुनिक बना रही है और डॉक्टरों की कमी को भी दूर करने की कोशिश कर रही है।

