
रूस के साथ बढ़ते रिश्ते: अजित डोभाल की मॉस्को यात्रा से तय होगा पुतिन का भारत दौरा
पुतिन का भारत दौरा: क्या है पूरा प्लान?-भारत और रूस के रिश्ते सदियों पुराने हैं, और अब एक बार फिर ये रिश्ते सुर्खियों में हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल की मॉस्को यात्रा ने भारत-रूस संबंधों में नई जान फूंक दी है, क्योंकि इस यात्रा का मुख्य मकसद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की रूपरेखा तैयार करना है। हालांकि अभी तक कोई तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन तैयारियाँ जोरों पर हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अमेरिका का दबाव और भारत का रुख-भारत का रूस से तेल खरीदना अमेरिका को रास नहीं आ रहा है। अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाकर अपनी नाराजगी ज़ाहिर की है। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वो अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर है और तेल खरीदने का फैसला पूरी तरह से राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। यह मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों में एक चुनौती बना हुआ है।
ऊर्जा और रक्षा: मज़बूत होता रिश्ता-भारत और रूस के बीच ऊर्जा और रक्षा सहयोग हमेशा से ही गहरा रहा है। रूस अब भारत का सबसे बड़ा ऊर्जा सप्लायर बन गया है और दोनों देशों की रक्षा साझेदारी भी बहुत मज़बूत है। डोभाल की यात्रा में इन दोनों क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर ज़ोर दिया जाएगा। पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद, भारत और रूस के बीच व्यापारिक संबंध मज़बूत बने हुए हैं।
S-400 मिसाइल सिस्टम: जल्द डिलीवरी की उम्मीद-डोभाल रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की बाकी खेप की जल्द डिलीवरी पर भी ज़ोर देंगे। यह सिस्टम भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करेगा। यह सौदा भारत की रक्षा क्षमता में एक बड़ा इज़ाफ़ा होगा।
पुतिन-मोदी शिखर वार्ता: नई शुरुआत-डोभाल की यात्रा का सबसे अहम मकसद राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच होने वाली शिखर वार्ता की तैयारी करना भी है। यह वार्ता रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर देगी और भारत-रूस संबंधों को नई ऊँचाइयाँ दे सकती है।

