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उत्तराखण्ड में जीएसटी सुधार: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा आह्वान

 जीएसटी का नया रंग: उत्तराखंड में खुशहाली की बयार!

सबका साथ, सबका विकास: सीएम धामी का नया जीएसटी प्लान-रविवार का दिन उत्तराखंड के लिए एक खास दिन था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीधे जनता से जुड़ने का एक अनोखा तरीका अपनाया – वर्चुअल मीटिंग! उन्होंने प्रदेश के मंत्रियों, विधायकों और अपने खास जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर एक ऐसी बात साझा की जो पूरे देश और खास तौर पर उत्तराखंड के लिए बहुत बड़ी खबर थी। 22 सितंबर से पूरे देश में लागू होने वाली नई जीएसटी दरें, जिसे सीएम धामी ने एक ऐतिहासिक कदम बताया, अब आम आदमी और व्यापारियों के लिए कई नए रास्ते खोलने वाली हैं। उन्होंने इस बड़े फैसले के लिए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का दिल से शुक्रिया अदा किया। सीएम का मानना है कि इस नए टैक्स सिस्टम से न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि हमारे व्यापारी भाई भी पहले से ज्यादा मजबूती से अपना काम कर पाएंगे। यह वाकई एक ऐसा कदम है जो सबको साथ लेकर चलने की हमारी सोच को और मजबूत करता है।

जन-जन तक पहुंचेगी जीएसटी की बात: उत्तराखंड में बड़ा जागरूकता अभियान-इस नए जीएसटी ढांचे का असर और इसके फायदे लोगों तक तेजी से पहुंचे, इसके लिए उत्तराखंड में एक ज़बरदस्त जन-जागरूकता अभियान शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री धामी ने सभी जनप्रतिनिधियों से एक खास गुजारिश की है – 22 से 29 सितंबर तक, हर कोई अपने-अपने इलाके में लोगों को इस नई व्यवस्था के बारे में बताएगा। सोचिए, प्रभारी मंत्री अपने जिलों में और विधायक अपनी विधानसभाओं में इस अभियान की कमान संभालेंगे! यह सिर्फ जानकारी देने का मामला नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि हर नागरिक इस बदलाव का हिस्सा बने और जीएसटी सुधारों का पूरा-पूरा फायदा उठा सके। यह अभियान वाकई लोगों को जोड़ने और उन्हें सशक्त बनाने का एक शानदार मौका है, ताकि कोई भी इस महत्वपूर्ण बदलाव से पीछे न रह जाए।

अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान: जीएसटी से”:”वोकल फॉर लोकल” को मिलेगा बूस्ट-मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर खास जोर दिया कि ये बदली हुई जीएसटी दरें सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि असल में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को पंख लगाने वाली हैं। ये हमारे “वोकल फ़ॉर लोकल” यानी स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और “लोकल टू ग्लोबल” यानी स्थानीय चीजों को दुनिया तक पहुंचाने के सपने को और भी मजबूती देंगी। उन्होंने उत्तराखंड के खास ब्रांड “हाउस ऑफ हिमालयाज”, जीआई टैग वाले 27 अनोखे उत्पादों और “एक जनपद दो उत्पाद” जैसी योजनाओं का भी ज़िक्र किया। इन सब के साथ, नए टैक्स सिस्टम से हमारे स्थानीय कारीगरों, किसानों और छोटे-मोटे व्यवसाय करने वालों के लिए नए अवसर खुलेंगे। यह आत्मनिर्भर उत्तराखंड बनाने की हमारी कल्पना को हकीकत में बदलने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है, जिससे प्रदेश की आर्थिक तस्वीर और भी निखर कर सामने आएगी।

सबका सहयोग जरूरी: उद्योग विभाग को खास निर्देश-इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए, सीएम धामी ने सभी सरकारी विभागों और संस्थाओं को पूरी ताकत से जुटने के निर्देश दिए हैं। ग्राम सभाओं से लेकर नगर निकायों तक, हर जगह मीटिंग्स होंगी और लोगों को नई जीएसटी दरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। खास तौर पर, उद्योग विभाग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जीआई टैग वाले उत्पाद और “एक जनपद दो उत्पाद” योजना को और भी मजबूत और बाजार के लायक बनाया जाए। इसका मकसद यह है कि हमारे छोटे-छोटे व्यापारी भी अपने बेहतरीन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आसानी से बेच सकें। यह एक ऐसा कदम है जो हमारे स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देगा और उन्हें वैश्विक मंच पर स्थापित करने में मदद करेगा।

जन-आंदोलन बनेगा जागरूकता अभियान: नुक्कड़ नाटक से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक-मुख्यमंत्री धामी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह जागरूकता अभियान सिर्फ एक तरफा जानकारी देने जैसा नहीं होना चाहिए। इसमें आम लोगों की सक्रिय भागीदारी और उनका सहयोग सबसे ज्यादा जरूरी है। इसीलिए, लोगों तक यह संदेश पहुंचाने के लिए नुक्कड़ नाटक, लोकगीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सहारा लिया जाएगा, ताकि बात सीधे दिल तक पहुंचे और लोग इसे आसानी से समझ सकें। साथ ही, मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स का भी पूरा इस्तेमाल किया जाएगा ताकि हर नागरिक और हर व्यापारी तक यह ज़रूरी जानकारी पहुँच सके। यह अभियान वाकई में एक जन-आंदोलन का रूप लेगा, जहाँ हर कोई जुड़कर प्रदेश की आर्थिक तरक्की में अपना योगदान देगा।

व्यापार में आसानी, पारदर्शिता और तरक्की: जीएसटी का नया युग-मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नई जीएसटी दरें लागू होने के बाद न सिर्फ व्यापार करना आसान होगा, बल्कि काम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और उत्पादकता में भी सुधार आएगा। इससे छोटे उद्यमी सीधे राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जुड़ पाएंगे, जिससे उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे खुद इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे एक जन-आंदोलन का रूप दें। सीएम ने कहा कि देश और प्रदेश की आर्थिक ताकत को बढ़ाने में हर नागरिक का योगदान अमूल्य है, और यह नया जीएसटी ढांचा उत्तराखंड को आर्थिक रूप से और भी मजबूत बनाने का एक सुनहरा अवसर लेकर आया है।

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