
दमिश्क । सीरिया में असद परिवार के पांच दशक के शासन के अंत के बावजूद हालात में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा। राष्ट्रपति बशर अल-असद को देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर करने वाले इस्लामी उग्र समूह हयात तहरीर अल-शाम को अब लेबनान समर्थित हिजबुल्लाह के लड़ाकों से दो-चार होना पड़ रहा है। हिजबुल्लाह के लड़ाके सीरिया में घुसपैठ करने में कामयाब हो गए हैं।
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अरबी न्यूज एजेंसी ‘963+’ की खबर के अनुसार, पश्चिमी सीरिया के होम्स ग्रामीण इलाके में सैन्य संचालन विभाग और लेबनान समर्थित हिजबुल्लाह के लड़ाकों से सोमवार शाम हिंसक झड़पें हुई हैं। हिजबुल्लाह के लड़ाकों ने सीरियाई-लेबनानी सीमा पर होम्स के पश्चिम में कुसैर ग्रामीण इलाके में अल-मस्रिया शहर में घुसपैठ कर सैन्य संचालन विभाग के एक गश्ती दल को निशाना बनाया।
इसकी खबर मिलते ही संचालन विभाग ने शहर और उसके आसपास के इलाके में अतिरिक्त सैन्य बल भेजा। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़पें शुरू हो गईं। मंगलवार सुबह तक दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी होती रही। इस बीच बाद संचालन विभाग ने हिजबुल्लाह के 10 से अधिक सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया है कि हिजबुल्लाह के लड़ाके बड़ी संख्या में घुस आए हैं। इसके अलावा ईरान समर्थक अल-कुद्स ब्रिगेड के सदस्य भी नाक में दम किए हैं। इसके सदस्य दीर एज-जोर के ग्रामीण इलाके के अल-जुफरा शहर में छुपे हुए हैं। इनमें से चार को गिरफ्तार किया गया है।
एक सैन्य सूत्र के अनुसार, ऑपरेशन विभाग ने ईरान के प्रति वफादार “47वीं रेजिमेंट” के पांच पूर्व सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया। दो दिन पहले अज्ञात बंदूकधारियों ने कोहरे और दृश्यता की कमी का फायदा उठाते हुए पूर्वी में पलमायरा शहर के पास अमेरिकी समर्थित फ्री सीरियन आर्मी बलों की एक सैन्य चौकी पर हमला किया।

