
लिवर की अनदेखी पड़ सकती है भारी: हेपेटाइटिस से बचने के लिए अपनाएं ये ज़रूरी आदतें
लिवर की सुरक्षा: छोटी सी सावधानी, बड़ी रक्षा-हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है लिवर, जो 500 से ज़्यादा काम करता है। इसे शरीर का ‘सीपीयू’ भी कहा जा सकता है क्योंकि यह हमारे शरीर के कई कामों को नियंत्रित करता है। अगर लिवर 70% तक खराब भी हो जाए, तो सही जीवनशैली और खानपान से इसे 6-7 हफ़्तों में ठीक किया जा सकता है। लेकिन लापरवाही से हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हेपेटाइटिस: ख़तरा समझें, बचाव करें-हेपेटाइटिस, लिवर की सूजन, ज्यादातर वायरल संक्रमण से होती है। इसके पाँच प्रकार हैं: A, B, C, D और E (D, B के साथ ही होता है)। यह धीरे-धीरे बढ़ता है और समय पर पता न चलने पर जानलेवा हो सकता है। भारत में बहुत से लोग हेपेटाइटिस B और C से पीड़ित हैं, और कई को पता तक नहीं होता।
हेपेटाइटिस कैसे फैलता है?-हेपेटाइटिस A और E दूषित भोजन और पानी से फैलते हैं, जबकि B और C संक्रमित रक्त और शारीरिक तरल पदार्थों से। बारिश के मौसम में A और E का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि पानी और खाना जल्दी खराब होता है। B और C लंबे समय तक बिना लक्षण के रह सकते हैं और अचानक गंभीर लिवर क्षति कर सकते हैं। इसलिए साफ-सफाई और सुरक्षित व्यवहार बहुत ज़रूरी है।
नियमित जांच और टीकाकरण: ज़रूरी कदम-हेपेटाइटिस के शुरुआती लक्षण साफ नहीं होते, इसलिए नियमित जांच ज़रूरी है। खासकर हेपेटाइटिस A, B और C के लिए ब्लड टेस्ट करवाते रहें। A और B के लिए टीके उपलब्ध हैं। नवजात शिशुओं को जन्म के समय B का टीका लगवाना मां से बच्चे में संक्रमण रोकता है। बचपन में टीका नहीं लगा, तो युवावस्था में ज़रूर लगवा लें।
जोखिम में कौन है?-फैटी लिवर, खराब खानपान, ज़्यादा शराब, और बिना सलाह दवा लेने वालों में खतरा ज़्यादा है। शेविंग के लिए कॉमन ब्लेड, टैटू या इंजेक्शन से भी संक्रमण हो सकता है। अगर परिवार में किसी को हेपेटाइटिस रहा हो, तो बच्चों की जांच ज़रूर कराएँ।
लक्षण पहचानें, सतर्क रहें-कमज़ोरी, भूख न लगना, पेट दर्द, दस्त, गहरे रंग का पेशाब और पीलिया इसके लक्षण हैं। कुछ में लक्षण हल्के या नहीं भी होते। इसलिए लंबे समय तक कमज़ोरी या पेट की समस्या हो, तो डॉक्टर से जांच कराएँ।
स्वस्थ जीवनशैली: सबसे अच्छा बचाव-ताज़े फल, हरी सब्जियाँ और लीन प्रोटीन खाएँ। प्रोसेस्ड फ़ूड, मीठे पेय और ट्रांस फैट से बचें। लहसुन, हल्दी और ग्रीन टी लिवर के लिए फायदेमंद हैं। रोज़ाना 30 मिनट व्यायाम करें, वज़न नियंत्रित रखें, शराब सीमित करें और बिना सलाह दवा न लें। साल में एक बार लिवर की जांच ज़रूर कराएँ।

