
छत्तीसगढ़ में अवैध नल कनेक्शन होंगे नियमित, सरकार ने अपनाई सरलीकृत प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1956 की धारा 132 की उपधारा (1) के खंड “ख” में उल्लेखित जलकर की दरों एवं अवैध कनेक्शनों के नियमितीकरण करने संबंधित नियम/अधिसूचना क्र-एफ-5-190/18/2005 दिनांक 03.02.2010 द्वारा राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना अनुसार अवैध नल कनेक्शनों का नियमितीकरण किये जाने हेतु सरलीकृत प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अवैध अवासीय नल कनेक्शन का नियमितीकरण 5 हजार रूपये नियमितीकरण शुल्क के साथ नया नल कनेक्शन शुल्क जमा करने पर किया जायेगा। इसीप्रकार अवैध व्यवसायिक कनेक्शन का 15 हजार रूपये नियमितीकरण शुल्क के साथ नया नल कनेक्शन शुल्क जमा करने पर किया जायेगा।
अवैध नल कनेक्शन को नियमितीकरण के लिए हितग्राही को निगम द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन के साथ संपूर्ण निर्धारित राशि एक साथ जमा करना होगा एवं अपने नल कनेक्शन को प्रापर्टी टैक्स आई डी में लिंक कराना अनिवार्य होगा।
निगम द्वारा अमृत मिशन योजना एवं स्मार्ट सिटी योजनांतर्गत दिये गये नल कनेक्शन अवैध नल कनेक्शन की श्रेणी में नहीं आयेंगे। इस योजना के तहत दिये गये नल कनेक्शनों को कनेक्शन संयोजन वर्ष से उपभोक्ता/कनेक्शनधारी निगम के डिमाण्ड पंजी में आवेदन कर दर्ज करा सकेंगे।
अवैध नल कनेक्शनों को वैध कराने की कार्यवाही तत्काल प्रारंभ की जा रही है। जो अवैध नल कनेक्शन को वैध नहीं करायेंगे उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।
