
नई दिल्ली। धरती की निगरानी के लिए EOS-08 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शुक्रवार सुबह सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया । इस रॉकेट के अंदर नया अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट EOS-8 लॉन्च किया गया है। एक छोटा सैटेलाइट SR-0 DEMOSAT भी पैसेंजर सैटेलाइट भी रॉकेट से साथ भेजा गया है। दोनों सैटेलाइट्स धरती से 475 km की ऊंचाई पर एक गोलाकार ऑर्बिट में चक्कर लगाएंगे।
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EOS-08 में लगे हैं तीन पेलोड
SSLV-D3-EOS-08 मिशन में ले जाए गए उपग्रहों का वजन 175.5 किलोग्राम है। EOS-08 मिशन के उद्देश्यों में माइक्रोसेटेलाइट को डिजाइन और विकसित करना शामिल है। EOS-08 में तीन पेलोड लगे हैं।इनमें इलेक्ट्रो आप्टिकल इन्फ्रारेड पेलोड (ईओआइआर), ग्लोबल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम-रिफ्लेक्टोमेट्री पेलोड (GNSS-R) और सीआइसी यूवी डोसीमीटर शामिल हैं।
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VIDEO | ISRO successfully launches Small Satellite Launch Vehicle-03 (SSLV-D3-EOS-08) from Satish Dhawan Space Centre, Sriharikota, Andhra Pradesh.@isro #SSLVD3
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvqRQz) pic.twitter.com/LxNt29xTvR
— Press Trust of India (@PTI_News) August 16, 2024
ईओआइआर पेलोड को उपग्रह आधारित निगरानी, आपदा निगरानी, पर्यावरण निगरानी के लिए तस्वीरें खींचने के लिए डिजाइन किया गया है। जीएनएसएस-आर समुद्र की सतह की हवा का विश्लेषण, मिट्टी की नमी का आकलन, बाढ़ का पता लगाने के लिए रिमोट सेंसिंग क्षमता प्रदर्शित करेगा। एसआइसी यूवी डोसीमीटर गगनयान मिशन में पराबैंगनी विकिरण की निगरानी करेगा। एसआइसी यूवी डोसीमीटर गगनयान मिशन में पराबैंगनी विकिरण की निगरानी करेगा।इसरो लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) की तीसरी और अंतिम विकासात्मक उड़ान के जरिये पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-08 को प्रक्षेपित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह SSLV-D3 की तीसरी और अंतिम विकासात्मक उड़ान होगी।
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