
कौशल के कलाकारों ने मानसूनी फुहार में बिखेरा जलवा, रिमझिम गिरे सावन जैसे कई सदाबहार नगमे पेश किये
- मायाराम सुरजन हाल दी सदाबहार प्रस्तुति
रायपुर। राजधानी रायपुर के मायाराम सुरजन हाल में मंगलवार को कौशल के कलाक़ारों ने अपनी सुमधुर आवाज की जानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के संचालक कौशल स्वर्णबेर ने बताया कि 14 गायक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति दी। मां सरस्वती की पूजा आराधना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद बीते जमाने के सदाबहार नगमो ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!गायक कलाकारो में अरुण पटले ने तू मइके मत जइयों, मै हूं डान, सुबोध फ्रेंकलीन ने अपनी रुक जाना ओ जाना, कुशल राठौर ने चले थे साथ मिलकर, संजय वर्मा ने रिमझि्म गिरे सावन, मनोहर नागवानी ने ये लाल रंग, विजय चिमनानी ने हाँ पहली बार.. गणेश देवांगन ने कहना है आज तुमसे पहली बार जैसे गानो की प्रस्तुति दी। इसी तरह 85 साल के कलाकार सुरेश मखीजा ने चलो एक बार फिर से अजनबी बन जाए हम दोनो गीत गाकर लोगों को खूब तालियां बटोरी। वहीं अलोक कुमार ने सैय्या.. सैय्या गाने से कैलाश खेर की याद दिला दी। जबकि बबलू नारायण ने आसमा पे हैं खुदा और जमीं पे हम और महेश रजक ने मेरा चांद मुझे आया हैं नजर पर लोगो को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात ब्यूटी और नमन सिन्हा की जोड़ी रही जिन्होंने प्यार हुआ इकरार हुआ गाकर बारिश की याद दिला दी। कार्यक्रम में आयोजन के डायरेक्टर कौशल स्वर्णबेर ने भोले ओ भोले.. जीवन के दिन छोटे सही जैसे गानों पर बेहतरीन प्रस्तुति दी। मंच संचालन अरुण पटले ने किया।

गार्डन से पहुंचे स्टेज तक
इस शो की सबसे खास बात ये रही यहाँ प्रस्तुति देने वाले लगभग सभी कलाकार गांधी उद्यान में शौकिया गायकी करते थे। लेकिन 2 साल उन्होने अपने आप को इतना तैयार कर लिया के सीधे स्टेज पर पहुंच गये। लगभग अधिकांश कलाकारों ने पहली बार स्टेज पर अपनी प्रस्तुति दी लेकिन श्रोताओं ने उनकी गायकी की खूब सराहना की।
