
जनसहयोग से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनायेंगे – मीनल चौबे
जनता के सेवक हैं सेवक बन कर जनता से संवाद करे
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 के लिए स्वास्थ्य विभाग की बैठक
सामूहिक सहभागिता के साथ कार्य करें, ताकि स्वच्छता एक जनआंदोलन का रूप ले सके- महापौर मीनल चौबे
स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है- आयुक्त
रायपुर –जनता के सेवक हैँ सेवक बनकर जनता से संवाद करें, जनसहयोग से शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाएंगे, महापौर मीनल चौबे ने आज रायपुर नगर निगम में स्वास्थ्य विभाग की बैठक में उक्ताशय के विचार रखे.
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 की प्रभावी तैयारियों को लेकर आज रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा नवीन संकेतकों एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर आधारित एक समीक्षा सह प्रशिक्षण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं नागरिक सहभागिता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में महापौर मीनल चौबे एवं आयुक्त विश्वदीप ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नगर निगम का समस्त मैदानी अमला शहर के सभी जोनों में स्वच्छता स्तर, दर्शनीय स्वच्छता तथा जनभागीदारी को प्राथमिकता देते हुए कार्य करे। विशेष रूप से लक्षित स्कूलों में स्वच्छता गतिविधियाँ संचालित करने एवं प्रत्येक वार्ड में वार्ड स्तरीय स्वच्छता चैम्पियन तैयार कर नागरिकों को स्वच्छ आदतों के लिए प्रेरित करने पर बल दिया गया।
महापौर मीनल चौबे ने कहा– संस्कार स्वच्छता, स्वभाव स्वच्छता
“जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जो भी दायित्व सौंपे गए हैं, वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता, जिम्मेदारी एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित करें।
जनता के सेवक हैँ, सेवक बनकर जनता से संवाद करें, जनसहयोग से शहर को स्वच्छ और सुन्दर बनाएंगे. साथ ही नागरिकों को स्वच्छता अभियान से जोड़ते हुए सामूहिक सहभागिता के साथ कार्य किया जाए, ताकि स्वच्छता एक जनआंदोलन का रूप ले सके। सभी मिलकर एकजुट प्रयास करें, जिससे रायपुर स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 में अधिकतम अंक प्राप्त कर अन्य शहरों की तुलना में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर सके।” नागरिको की शिकायत पर विशेष ध्यान देवें, शिकायतों का निराकरण समय से किया जावे, ताकि स्वच्छता में सभी के सहयोग से हम आगे आएं।
वार्ड स्तरीय सौंदर्यीकरण हेतु विशेष प्रावधान स्वच्छ सर्वेक्षण के अंतर्गत शहर को और अधिक सुंदर एवं स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से – प्रत्येक वार्ड में बैकलेन पेंटिंग, वॉल पेंटिंग, नारे लेखन एवं स्वच्छता संदेशों के लिए ₹4 लाख प्रति वार्ड की राशि स्वीकृत की गई है।
आयुक्त विश्वदीप के महत्वपूर्ण निर्देश:-
अप्रैल 2026 से देश भर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम लागू होंगे, जो नागरिकों, संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ साथ नगर निकायों पर भी समान रूप से लागू होंगे। नियमों का पालन न करने पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब नियमों का उल्लंघन करने वालों को केवल डिफाल्टर नहीं, बल्कि “पोल्लुटर (प्रदूषणकर्ता)” माना जाएगा।
ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए सड़क किनारे एवं उद्यानों में लगे पौधों को नियमित रूप से पानी देने के निर्देश, 120 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरी बैग पर पूर्ण प्रतिबंध एवं उल्लंघन पर तत्काल अर्थदंड, स्ट्रीट वेंडर्स/ठेला व्यवसायियों द्वारा शाम के समय विशेष रूप से स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश, कचरा संग्रहण वाहनों को शाम के समय भी नियमित रूप से संचालित करने के आदेश दिया गया।
नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। जागरूकता से लेकर कार्रवाई तक रायपुर स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और तैयार है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महापौर मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप सहित अपर आयुक्त स्वास्थ्य विनोद पाण्डेय, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणीग्रही, स्वच्छ भारत मिशन (SBM) मुख्यालय के कार्यपालन अभियंता योगेश कडु, समस्त जोन कमिश्नरों, जोनों के कार्यपालन अभियंताओं सहायक अभियंताओं, जोन स्वास्थ्य अधिकारियों, स्वच्छता निरीक्षकों, पब्लिक/कम्युनिटी टॉयलेट संचालन से जुड़े प्रतिनिधि, डोर टू डोर कचरा संग्रहण से संबंधित एजेंसी तथा विभिन्न स्वच्छता से जुड़ी एजेंसियों के अधिकारीगणों, कर्मचारीगणों की उपस्थिति रही।


