जॉब - एजुकेशन

मां ने मेहनत-मजदूरी करके पढ़ाया, बेटी ने IAS बन दिया संघर्ष का फल

नई दिल्ली। देश की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में गिनी जाने वाली यूपीएससी (UPSC) को पास करना लाखों छात्रों का सपना होता है। कई परीक्षार्थी वर्षों की मेहनत और कई प्रयासों के बाद सफलता हासिल करते हैं, जबकि कुछ प्रतिभाशाली उम्मीदवार अपने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर इतिहास रच देते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है आईएएस दिव्या तंवर की, जिन्होंने कम उम्र और सीमित संसाधनों के बावजूद असंभव को संभव कर दिखाया।

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आईएएस दिव्या तंवर ने वर्ष 2021 में यूपीएससी परीक्षा अपने पहले ही प्रयास में पास कर 438वीं रैंक हासिल की थी। उस समय वह मात्र 21 वर्ष की थीं। खास बात यह रही कि उन्होंने यह सफलता बिना किसी कोचिंग सेंटर के हासिल की। दिव्या ने हार नहीं मानी और अगले ही वर्ष यानी 2022 में दोबारा परीक्षा दी। इस बार उन्होंने और भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक (AIR) 105 प्राप्त की और आईएएस बनने का अपना सपना साकार किया।

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