
मां के संस्कार ही बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं : बीके गीता
ब्रह्माकुमारीज केंद्र पर मनाया गया मातृ दिवस
हरिद्वार । ब्रह्माकुमारीज सेवा केंद्र, रुड़की में आयोजित मातृ दिवस समारोह में केंद्र प्रभारी बीके गीता ने कहा कि मां न केवल जीवन देने वाली होती है, बल्कि वह हर व्यक्ति की पहली शिक्षक और गुरु भी होती है। मां के दिए हुए संस्कार ही बच्चों के चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं।
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उन्होंने कहा कि अगर मां आध्यात्मिक व सकारात्मक सोच वाली होगी तो वही संस्कार उनके बच्चों में भी आएंगे,जिससे एक अच्छे समाज व एक अच्छे देश का निर्माण होगा। उन्होंने माताओं को राजयोग के अभ्यास की सलाह दी ताकि उनका व उनके बच्चों का आने वाला कल अच्छा हो सके।
बीके दीपिका ने भी मां शब्द की सुंदर व्याख्या कर मां के गुणों से अवगत कराया। स्नेह बहन व राशि त्यागी ने मां की महिमा पर नृत्य व गायन प्रस्तुत किया, जबकि बीके पारुल ने मनोरंजक एक्सरसाइज के माध्यम से सदसन्देश दिया।
इस अवसर पर बीकेकृष्ण छाबड़ा ,महेंद्र सिंह सैनी,शिव कुमार, श्रीगोपाल नारसन, अश्वनी भारद्वाज,अनिल कुमार, इंदु,रेखा,अमरेश,विनय गुप्ता आदि मौजूद रहे।

