छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म! CM साय ने दिया बड़ा बयान, बताई सरकार की बड़ी उपलब्धि

रायपुर : दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बस्तर में चार दशकों से चली आ रही नक्सल समस्या अब समाप्ति की ओर है और सरकार का अगला लक्ष्य क्षेत्र में तेजी से विकास पहुंचाना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस से बस्तर में बड़ा बदलाव आया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कैच द रेन अभियान में छत्तीसगढ़ नंबर-1, दिल्ली से लौटे CM साय ने बताई प्रदेश की बड़ी उपलब्धि
उन्होंने कहा कि जिस बस्तर क्षेत्र को पिछले चार दशक से नक्सलवाद की चुनौती का सामना करना पड़ रहा था, वहां आज एक ऐसा काम संभव हुआ है जिसे कभी असंभव माना जाता था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बस्तर में नक्सलवाद अब समाप्त हो चुका है। सीएम साय ने कहा कि नक्सलवाद के प्रभाव से मुक्त होने के बाद अब सरकार का पूरा ध्यान बस्तर के विकास पर रहेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र को देश का सबसे अच्छा आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प लिया गया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बस्तर के लोगों तक मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचें। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और अन्य विकास कार्यों को गति दी जाएगी, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ ही अब विकास योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने में आसानी होगी। लंबे समय तक प्रभावित रहे क्षेत्रों में सरकार नई ऊर्जा के साथ काम करेगी। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके साहस और समर्पण के कारण ही बस्तर में शांति और विश्वास का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के आदिवासी समाज के विकास और सम्मान के लिए लगातार काम कर रही है। क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों को ध्यान में रखते हुए विकास की नई योजनाएं तैयार की जाएंगी। सीएम साय ने कहा कि बस्तर अब केवल नक्सल समस्या के लिए नहीं बल्कि विकास, पर्यटन और संभावनाओं के क्षेत्र के रूप में पहचाना जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर को देश के अग्रणी आदिवासी क्षेत्रों में शामिल किया जाए।

