
विधानसभा में “प्रश्न बदलने” के आरोप पर बवाल, विपक्ष का वॉकआउट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक के सवाल को बदलने के आरोप पर सदन में तीखा विवाद खड़ा हो गया। मंत्री के जवाब और प्रक्रिया को लेकर असंतोष जताते हुए विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।
कांग्रेस विधायक चातुरी नंद ने आरोप लगाया कि उनके द्वारा पूछा गया मूल प्रश्न बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जिस विषय और स्वरूप में प्रश्न पूछा था, उसे विभाग ने परिवर्तित कर दिया, जिससे वास्तविक मुद्दा प्रभावित हुआ।
मामले की गंभीरता को उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और जिन अधिकारियों ने प्रश्न में बदलाव किया है, उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
दरअसल, विधायक चातुरी नंद ने महासमुंद वनमंडल के सरायपाली क्षेत्र के जंगलबेड़ा गांव में नर्सरी, वृक्षारोपण और अवैध कटाई को लेकर सवाल पूछा था। उनका कहना था कि उनके मूल प्रश्न में किसी विशेष समय अवधि का उल्लेख नहीं था, लेकिन विभाग ने उसमें वर्ष 2025 जोड़कर प्रश्न की प्रकृति बदल दी।
इस पर आसंदी की ओर से स्पष्ट किया गया कि प्रश्न में समयावधि का उल्लेख न होने के कारण उसे ग्राह्य बनाने के लिए अवधि जोड़ी गई। यदि समय सीमा तय नहीं की जाती, तो प्रश्न स्वीकार ही नहीं किया जा सकता था।
वहीं वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रश्न वर्ष 2025 से संबंधित मानकर उत्तर दिया गया है। इस पर चातुरी नंद ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उनका मूल प्रश्न किसी एक वर्ष तक सीमित नहीं था।
पूरे घटनाक्रम को लेकर सदन में तीखी बहस हुई, लेकिन मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने विरोध दर्ज करते हुए सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) कर दिया।
