
Ludhiana में धार्मिक स्थलों के पास शराब का ठेका खोलने पर लोगों का फूटा गुस्सा, जोरदार प्रदर्शन
लुधियाना : सिविल सिटी के वार्ड नंबर 92 में शराब का ठेका खोले जाने को लेकर इलाके में भारी विरोध देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने समाजसेवी कुमार गौरव की अगुवाई में शराब के ठेके के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर शराब का ठेका खोला जा रहा है, उसके नजदीक स्कूल, गुरुद्वारा साहिब और मंदिर मौजूद हैं, जिससे इलाके का माहौल खराब होने का खतरा पैदा हो गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले भी स्थानीय लोगों ने कुमार गौरव के साथ मिलकर उक्त शराब का ठेका बंद करवाया था, लेकिन अब दोबारा कथित तौर पर दबाव बनाकर ठेका खोलने की कोशिश की जा रही है। इसे लेकर इलाके में भारी रोष है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कुमार गौरव के साथ मिलकर घरों से थालियां, बर्तन और अन्य सामान लाकर बजाए तथा प्रशासन और सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया।
इलाके के लोगों का कहना है कि जिस जगह ठेका खोला जा रहा है, वहां से कुछ ही कदमों की दूरी पर Greenland Senior Secondary Public School सहित अन्य स्कूल मौजूद हैं। प्रतिदिन लगभग 5 से 7 हजार बच्चे इसी रास्ते से स्कूल आते-जाते हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे माहौल में शराब का ठेका खुलना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
कुमार गौरव ने कहा कि उनका विरोध शराब के ठेकों से नहीं है, लेकिन स्कूलों और धार्मिक स्थलों के सामने शराब का ठेका खोलना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब में रोजाना संगत आती है, मंदिर में श्रद्धालु पहुंचते हैं और हजारों बच्चे स्कूल जाते हैं। ऐसे में शराब का ठेका खोलना इलाके की धार्मिक और सामाजिक मर्यादा के खिलाफ है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि ठेके के पीछे की ओर गुरुद्वारा साहिब स्थित है जबकि दूसरी तरफ मंदिर मौजूद है। सुबह-शाम बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन को धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और तुरंत इस ठेके को यहां से हटाना चाहिए।
धरने के दौरान वार्ड नंबर 92 के पार्षद नरेंद्र बिट्टू भारद्वाज भी लोगों के समर्थन में पहुंचे। कुमार गौरव ने कहा कि रोजाना हजारों बच्चे इस रास्ते से गुजरते हैं और कई बार शराब पीने वाले लोग सड़कों पर पड़े दिखाई देते हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं पर गलत असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते लोगों की मांग नहीं मानी तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

