
पटना पाइरेट्स का नया अवतार: चौथे खिताब की ओर दमदार वापसी!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कोच का बदला चेहरा, उम्मीदों का नया सवेरा- पिछले सीजन में हरियाणा स्टीलर्स से मिली हार के बाद, तीन बार की चैंपियन पटना पाइरेट्स अब प्रो कबड्डी लीग (PKL) सीजन 12 में एक नई ऊर्जा और रणनीति के साथ उतरने को तैयार है। टीम ने अपने पिछले कोच नरेंद्र रेडू से नाता तोड़ लिया है और अब भारतीय कबड्डी के दिग्गज, पूर्व कप्तान अनुप कुमार को अपना मुख्य कोच नियुक्त किया है। अनुप कुमार का अनुभव और उनकी खास रणनीति टीम को चौथी बार खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी, जिससे फैंस में उत्साह का माहौल है।
डिफेंस की दीवारें और भी मजबूत: अंकित जगलान की वापसी-पटना पाइरेट्स ने अपने डिफेंस को और भी अभेद्य बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। पिछले सीजन में 79 टैकल पॉइंट्स के साथ शानदार प्रदर्शन करने वाले अंकित जगलान एक बार फिर लेफ्ट कॉर्नर की कमान संभालेंगे। उनके साथ हामिद मिर्ज़ाई नादेर, थियागराजन युवराज और नवदीप जैसे मंझे हुए डिफेंडर्स भी टीम का हिस्सा हैं। राइट कवर दीपक सिंह को भारी भरकम 86 लाख रुपये में खरीदा गया है, जो टीम की डिफेंसिव ताकत को और बढ़ाएंगे। सोंबीर गुलिया और अमीन गोरबानी जैसे नए चेहरों के आने से डिफेंस लाइनअप और भी खतरनाक हो गया है।
रेडिंग की चुनौती: अयन लोचाब और मनिंदर सिंह पर बड़ी जिम्मेदारी-टीम के लिए सबसे बड़ा झटका स्टार रेडर देवांक दलाल का जाना है, जिन्होंने पिछले सीजन में 301 रेड पॉइंट्स के साथ ‘बेस्ट रेडर’ का खिताब जीता था। पूर्व कप्तान शुभम शिंदे का टीम से अलग होना भी एक बड़ी चुनौती है। अब, युवा अयन लोचाब और अनुभवी मनिंदर सिंह पर रेडिंग विभाग की जिम्मेदारी होगी। इन दोनों खिलाड़ियों से उम्मीद है कि वे मिलकर टीम के लिए पॉइंट्स का खाता खोलेंगे और रेडिंग यूनिट को फिर से मजबूत बनाएंगे, जिससे टीम को जीत की राह पर ले जाया जा सके।
बजट में बड़ी खरीदारी, ऑलराउंडर्स की कमी पर सबकी नजर-पटना पाइरेट्स ने इस सीजन में लगभग 4.966 करोड़ रुपये खर्च करके आठ नए खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया है। डिफेंसिव यूनिट तो काफी मजबूत दिख रही है, लेकिन लंबे टूर्नामेंट में ऑलराउंडर्स की कमी एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। अगर टीम के रेडर्स लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे और डिफेंस ने अपना दबदबा बनाए रखा, तो अनुप कुमार के कुशल नेतृत्व में पटना पाइरेट्स निश्चित रूप से PKL की ट्रॉफी पर अपना चौथा कब्जा जमा सकती है।

