
उत्तरकाशी में तबाही के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तेज – अब तक 150 लोग सुरक्षित, 11 जवान लापता
उत्तरकाशी में बादल फटने से मची तबाही: एक दिल दहला देने वाली दास्तां- मंगलवार दोपहर उत्तरकाशी में अचानक बादल फटने से आई बाढ़ ने धाराली गांव को तबाह कर दिया। यह घटना इतनी भयावह थी कि पूरा इलाका हड़कंप मच गया। घर, दुकानें सब कुछ पानी में बह गया। आंखों देखा हाल सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। NDRF के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल मोहसिन शाहेदी ने बताया कि 150 से ज़्यादा लोगों को बचाया गया है, लेकिन अभी भी कई लोग लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन बारिश और भूस्खलन से काम में बाधा आ रही है। रिषिकेश-उत्तरकाशी हाईवे बंद होने से राहत सामग्री और बचाव दल तक पहुँचना मुश्किल हो रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बचाव कार्य में जुटी एजेंसियां: NDRF, ITBP, SDRF और सेना की टीमें मिलकर राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। 150 से ज़्यादा लोगों को बचाया जा चुका है, लेकिन 50 से ज़्यादा लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 11 जवान भी शामिल हैं। तीन NDRF टीमें प्रभावित इलाकों के पास हैं और जैसे ही रास्ता साफ होगा, वे वहां पहुँच जाएंगी। लेकिन खराब मौसम के कारण देहरादून से एयरलिफ्ट करना भी मुश्किल हो रहा है। हर कोई अपनी-अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है, लेकिन हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हैं।
मौतें और लापता लोग: अभी तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन कई लोग अभी भी लापता हैं। राहत दल लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। बादल फटने के बाद पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि गांव का बड़ा हिस्सा मलबे में दब गया। ऊपरी इलाकों में एक झील बनने की खबर भी आई थी, लेकिन अब बताया जा रहा है कि उसका पानी कम हो रहा है।
किनर कैलाश यात्रा पर फंसे श्रद्धालुओं का रेस्क्यू: ITBP ने किनर कैलाश यात्रा मार्ग पर फंसे 413 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचा लिया है। रास्ते का एक बड़ा हिस्सा बह गया था, लेकिन ITBP ने रोप-बेस्ड ट्रैवर्स तकनीक का इस्तेमाल करके सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। यह एक बड़ी राहत की बात है।


