Join us?

plz join with us
राजधानी

Special Reports: शौचालय में ढ़ूंढने से नहीं मिलेगा एक भी मच्छर

प्रधानमंत्री की स्वच्छता अभियान को दे रहा है उड़ान ये शौचालय

यज्ञ सिंह ठाकुर
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वच्छता अभियान को शब्दश: कोई अनुकरण कर रहा है तो वह सुलभ इंटरनेशनल एनजीओ संस्था इस संस्था द्वारा राजधानी में तकरीबन 8-10 शौचालय संचालित हो रहा है। स्वच्छता और साफ-सफाई का पर्याय और मिसाल पेश कर रहा है। इन शौचालयों में आप जाएंगे तो पहली बार आपको एहसास नहीं होगा कि यह शौचालय है। पूरे शौचालय परिसर को साफ-सफाई और क्लीन दिखाई देगा, कोई भी एक बार इस शौचालय में आएगा तो अमूमन वहां की सफाई व्यवस्था की जरूर प्रशंसा करते हैं। वहीं रायपुर के नगर निगम द्वारा संचालित शौचालयों में आप जाकर दो मिनट खड़ा नहीं हो सकते, बदबू और गंदगी से तंग आकर नाक बंद करने को विवश हो जाएंगे।
जिस शौचालय की हम बात कर रहे हैं वह है चंगोराभाटा स्थित तालाब के पास इसका संचालन एनजीओ के कर्मचारी नीरज कुमार करते हैं। वे कहते हैं कि काम करने का इच्छाशक्ति हो तो कोई भी कार्य आसानी से हो जाता है। मैं ईमानदारी से अपना काम करता हूं, शौचालय की साफ-सफाई के लिए नियमित रूप से देखरेख करता हूं इसलिए शौचालय में एक मच्छर भी आपको देखने को नहीं मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान सरोकार करते हुए इस मिशन का हिस्सा बनकर हम अपने आप गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
गंदा पानी का ट्रीटमेंट किया जाता
शौचालय में सबसे बड़ी बात यह है कि गंदा पानी को ट्रीटमेंट किया जाता है। जहां पानी का शत प्रतिशत उपयोग किया जाता है। शौचालय का मैटनेंस और देख-रेख के लिए सुपरवाइजर निरीक्षण करते है। ब्लीचिंग पावडर, फिनाइल, एसीड के साथ यहां किसी प्रकार का गंदगी नहीं मिलेगा, न बीडी, न गुड़ाखू की गदंगी और डब्बा किसी प्रकार की कोई गदंगी देखने को नहीं मिलेगी।
थ्रर्ड जेंडर और दिव्यांग के लिए अलग टॉयलेट
शौचालय में सभी लोगों की गरिमा को ध्यान में रखा गया है, जहां महिलाओं के लिए चार टॉयलेट है तो पुरुषों के लिए छह टॉयलेट वहीं दिव्यांग के लिए एक टॉवलेट और तृतीय लिंग के लिए एक टॉवलेट बनाया गया है। शौच और स्नान के लिए 5-5 रूपए शुल्क निर्धारित किया गया है। शौचालय में रोजाना 50 से 60 लोग आते हैं। ज्यादा पब्लिकसिटी नहीं होने की वजह से लोग यहां ज्यादा संख्या में नहीं आ रहे हैं।
हमारा उद्देश्य स्वच्छता को जन-जन तक पहुंचाना
सुपरवाइजर प्रशांत रंजन ने बताया कि सुलभ शौचालय नेशनल करके एक एनजीओ द्वारा संचालित हो रहा है। जहां हमें स्पष्ट निर्देश रहता है कि साफ-सफाई और यहां देख-रेख में किसी तरह की कोताही न बरते मैं अभी नया-नया हूं यहां के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दे पाउंगा, लेकिन हमारे इस संस्था को मुख्य उद्देश्य है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता अभियान को जन-जन तक पहुंचाना और साफ-सफाई के बारे में लोगो ंको जागरुक करना है। साफ-सफाई और स्वच्छता बनाए रखना मौजूदा समय की मांग।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button