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वनांचल एवं सुदूर क्षेत्रों में न्याय व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में अंबागढ़ चैकी में फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रारंभ होना महत्वपूर्ण कदम : रमेश सिन्हा 

रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक सुदूर पहाड़ी वनांचल क्षेत्र, अंबागढ़ क्षेत्र अंबागढ़ चैकी में 29 मार्च, 2025 को माननीय मुख्य न्यायाधिपति  रमेश सिन्हा, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जिला एवं अपर न्यायाधीष (फास्ट ट्रैक कोर्ट) का वर्चुअल शुभारंभ किया, इस अवसर पर पोर्टफोलियो न्यायाधीष राजनांदगांव माननीय  न्यायमूर्ति संजय एस. अग्रवाल वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।
माननीय मुख्य न्यायाधिपति  रमेश सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंबागढ़ चैकी प्राकृतिक सौंदर्य एवं संसाधन से परिपूर्ण वनांचल क्षेत्र है, किन्तु अंबागढ़ चैकी के क्षेत्र के निवासियों को न्याय प्राप्त करने के लिए जिला मुख्यालय राजनांदगांव तक 100 से 150 किलोमीटर तक लंबा सफर तय करना पड़ता था, अंबागढ़ चैकी में जिला एवं अपर न्यायाधीश न्यायालय का शुभारंभ होने के पश्चात् सुदूर वनांचल के पक्षकारों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों व अधिवक्ताओं के लिए न्याय सुलभ प्राप्त हो सकेगा। माननीय मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने विचार व्यक्त किया कि अंबागढ़ चैकी में फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना समय की जरूरत थी, न्यायालय के प्रारंभ होने से सुदूर वन क्षेत्रों के उन निवासियों को अत्यंत सुविधा होगी जो 100 से 150 किलोमीटर दूर से अपने प्रकरणों की सुनवाई के लिए जिला राजनांदगांव जाते थे और समय अधिक हो जाने से उनकी वापसी बेहद मुश्किल हो जाती थी।
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा इस अवसर पर न्यायालय में पदस्थ किये गये न्यायाधीष एवं न्यायालय के कर्मचारी गणों को बधाई देते हुए व्यक्त किया कि वे अपने न्यायिक कार्य एवं व्यवहार से क्षेत्र के निवासी, पक्षकार एवं अधिवक्ता गण की अपेक्षाओं की पूर्ति करने हेतु शीघ्र एवं सुलभ न्याय प्राप्त कराने के लिए सहायक होंगे।
यह विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय रमेश सिन्हा के द्वारा विगत 02 वर्ष पूर्व दिनांक: 29 मार्च 2023 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में मुख्य न्यायाधिपति के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा अपनी पदस्थापना के तत्काल बाद से छत्तीसगढ़ न्यायपालिका में अधोसंरचना के विकास पर जोर दिया गया। इस दौरान माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त जिला एवं तहसील न्यायालयों का दौरा करके न्यायिक अधोसंरचना के विकास एवं मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रतिबद्धता के साथ प्रयास किया। जिसके फलस्वरूप 02 वर्ष की अल्प अवधि में वर्ष 2023-24 में कुल 1,57,61,209 रूपये की लागत से 94 निर्माण कार्य तथा वर्ष 2024-25 में कुल 1,45,62,62,975 की लागत से 162 निर्माण कार्य संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के न्यायालय भवनों में अभिवृद्धि एवं सुधार कार्य हुए। वर्तमान में विभिन्न जिला न्यायालयों में 61, परिवार न्यायालय में 02 एवं कामर्षियल कोर्ट में 03, कुल 66 नवीन कक्ष निर्माणाधीन हैं, न्यायिक अधोसंरचना एवं संसाधन में उपरोक्त अभिवृद्धि एवं सुधार कार्य के फलस्वरूप प्रकरणों के निराकरणों में तीव्रता आयी है एवं 01.04.2023 से 28.02.2025 तक जिला न्यायालय स्थापना के द्वारा 7,13,791 प्रकरण निराकृत हुए हैं जिससे त्वरित न्याय की अवधारणा साकार हुई है।
माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के कुषल नेतृत्व, कल्याणकारी दृष्टिकोण एवं दूरदर्षिता के परिणाम स्वरूप राजनांदगांव जिला के दूरस्थ वनांचल अंबागढ़ चैकी में अधोसंरचना विकास के साथ अपर जिला न्यायाधीष न्यायालय का प्रारंभ होना एक मील का पत्थर है, जिससे छत्तीसगढ़ न्याय पालिका में अधोसंरचना के विकास की गति को शीघ्रता प्राप्त हुआ है।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल एवं अन्य अधिकारी गण, राज्य न्यायिक अकादमी के अधिकारी गण, राजनांदगांव जिले के न्यायाधीष गण, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चैकी के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, अधिवक्ता संघ, राजनांदगांव एवं अधिवक्ता संघ, अंबागढ़ चैकी के सदस्य तथा बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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